Maharashtra: महाराष्ट्र सरकार ने MITRA के CEO प्रवीन परदेसी के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल को डेनमार्क जाने की मंजूरी दे दी है। यह 8 दिनों का दौरा 16 मई से 24 मई 2026 तक चलेगा। खास बात यह है कि राज्य में विदेशी दौरों पर
Maharashtra: महाराष्ट्र सरकार ने MITRA के CEO प्रवीन परदेसी के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल को डेनमार्क जाने की मंजूरी दे दी है। यह 8 दिनों का दौरा 16 मई से 24 मई 2026 तक चलेगा। खास बात यह है कि राज्य में विदेशी दौरों पर लगी पाबंदी के बावजूद इस ट्रिप को हरी झंडी मिली है, क्योंकि इसका पूरा खर्च डेनमार्क सरकार उठाएगी।
इस दौरे में कौन-कौन शामिल हैं और क्या है मकसद?
इस टीम में प्रवीन परदेसी के अलावा कुल 5 सदस्य शामिल हैं। इसमें महाराष्ट्र जीवन प्राधिकरण के सदस्य सचिव ASR Naik, सोलापुर नगर निगम आयुक्त सचिन ओमबासे, सोलापुर नगर निगम की स्थायी समिति की अध्यक्ष रंजिता चाकोटे और उमरेड नगर परिषद की अध्यक्ष प्रजाक्ता अडमने शामिल हैं। यह पूरी यात्रा ‘क्लाइमेट-स्मार्ट वॉटर इंफ्रास्ट्रक्चर’ यानी जलवायु के अनुकूल जल बुनियादी ढांचे के बारे में तकनीकी जानकारी जुटाने के लिए की जा रही है।
अusterity curbs के बीच मंजूरी पर क्यों उठ रहे सवाल?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील के बाद महाराष्ट्र सरकार ने अधिकारियों और विधायकों के सभी विदेशी दौरों को रद्द कर दिया था। मुख्य सचिव राजेश अग्रवाल ने 13 मई को इसके लिए 19 गाइडलाइंस भी जारी की थीं। इसी वजह से कई मंत्रियों और 22 विधायकों के विदेश दौरे रद्द हुए थे। ऐसे में शहरी विकास विभाग द्वारा 15 मई को इस दौरे को मंजूरी देने पर सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, डेनमार्क के राजदूत रास्मुस अबिल्डगार्ड क्रिस्टेंसन ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से अनुरोध किया था कि टिकट और रहने का सारा खर्च डेनमार्क सरकार देगी।
यात्रा से जुड़ी जरूरी नियम और शर्तें क्या हैं?
केंद्र के विदेश मंत्रालय ने 14 मई को इस दौरे के लिए ई-पॉलिटिकल क्लीयरेंस दे दिया था। इस दौरे पर जाने वाले IAS अधिकारियों के समय को ‘ऑन-ड्यूटी’ माना जाएगा। अधिकारियों को अपने निजी खर्चों के लिए विदेशी मुद्रा खरीदने की अनुमति है, लेकिन इसके लिए भारत सरकार के आर्थिक मामलों के विभाग से मंजूरी लेना जरूरी होगा।
Frequently Asked Questions (FAQs)
डेनमार्क दौरे का मुख्य उद्देश्य क्या है?
यह एक तकनीकी जागरूकता दौरा है जिसका मकसद ‘क्लाइमेट-स्मार्ट वॉटर इंफ्रास्ट्रक्चर’ यानी जलवायु के अनुकूल जल बुनियादी ढांचे के बारे में सीखना और जानकारी जुटाना है।
इस यात्रा का खर्च कौन उठा रहा है?
इस दौरे का पूरा खर्च, जिसमें हवाई टिकट और ठहरने की व्यवस्था शामिल है, रॉयल डेनिश एंबेसी (डेनमार्क सरकार) द्वारा उठाया जा रहा है।