Maharashtra: राज्य के बांधों में इस समय पानी का स्तर पिछले साल के मुकाबले काफी बेहतर है, लेकिन आने वाले समय में सूखे का खतरा मंडरा रहा है। El Nino के असर से मानसून में कमी आने की आशंका है, जिसे देखते हुए मुख्यमंत्री Deve
Maharashtra: राज्य के बांधों में इस समय पानी का स्तर पिछले साल के मुकाबले काफी बेहतर है, लेकिन आने वाले समय में सूखे का खतरा मंडरा रहा है। El Nino के असर से मानसून में कमी आने की आशंका है, जिसे देखते हुए मुख्यमंत्री Devendra Fadnavis ने प्रशासन को अलर्ट कर दिया है। सरकार का मुख्य लक्ष्य यह है कि अगस्त 2026 तक हर घर में पीने का पानी पहुंच सके।
बांधों में कितना पानी है और क्या है स्थिति?
राज्य कैबिनेट को बताया गया कि वर्तमान में महाराष्ट्र के बांधों में 653.63 TMC पानी जमा है। पिछले साल इसी समय यह आंकड़ा 551.86 TMC था, यानी इस बार 101.77 TMC पानी ज्यादा है। हालांकि, जल संसाधन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव Deepak Kapoor ने चेतावनी दी है कि El Nino के कारण बारिश कम हो सकती है। उन्होंने बताया कि 2014 और 2015 में भी El Nino की वजह से पानी के स्तर में 12% से 14% की गिरावट आई थी, जिससे राज्य में पानी की भारी किल्लत हो गई थी।
IMD की चेतावनी और सरकार की तैयारी क्या है?
India Meteorological Department (IMD) के मुताबिक, अगस्त और सितंबर में El Nino का असर सबसे ज्यादा होगा, जिससे मानसून के दौरान औसत से कम बारिश हो सकती है। राज्य में करीब 92% वार्षिक बारिश होने का अनुमान है। इस स्थिति से निपटने के लिए सरकार ने कई कदम उठाए हैं:
- मुख्यमंत्री ने अगस्त 2026 तक पीने के पानी की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए सख्त प्लानिंग के आदेश दिए हैं।
- Jalyukta Shivar Abhiyan जैसे जल संरक्षण प्रोजेक्ट्स की रफ्तार बढ़ाई जा रही है।
- जिला कलेक्टर और सिंचाई अधिकारियों की मदद से जिला स्तरीय टास्क फोर्स बनाई जा रही है।
- खेती में फसल नुकसान को कम करने और पशुओं के लिए चारे का इंतजाम करने पर जोर दिया गया है।
किन इलाकों पर पड़ेगा सबसे ज्यादा असर?
विशेषज्ञों का मानना है कि मराठवाड़ा और उत्तर महाराष्ट्र के सूखाग्रस्त इलाकों में बारिश की कमी सबसे ज्यादा महसूस होगी। हालांकि, Indian Ocean Dipole (IOD) का सकारात्मक असर El Nino के नुकसान को कुछ हद तक कम कर सकता है। मुख्यमंत्री ने कृषि, वित्त और जल संरक्षण विभागों को आपसी तालमेल बनाकर काम करने को कहा है ताकि आम जनता को परेशानी न हो।