Maharashtra में MHT-CET परीक्षा में गड़बड़ी के आरोप, CET Cell ने दर्ज कराई पुलिस शिकायत
Maharashtra: राज्य की MHT-CET परीक्षा को लेकर सोशल मीडिया पर कुछ वीडियो वायरल हो रहे हैं, जिनमें परीक्षा केंद्रों में हेराफेरी और मेरिट लिस्ट में गड़बड़ी के आरोप लगाए गए हैं। इन वीडियो के बाद Maharashtra CET Cell ने कड़ा
Maharashtra: राज्य की MHT-CET परीक्षा को लेकर सोशल मीडिया पर कुछ वीडियो वायरल हो रहे हैं, जिनमें परीक्षा केंद्रों में हेराफेरी और मेरिट लिस्ट में गड़बड़ी के आरोप लगाए गए हैं। इन वीडियो के बाद Maharashtra CET Cell ने कड़ा रुख अपनाया है और इस मामले की शिकायत राज्य के साइबर सेल और आजाद मैदान पुलिस स्टेशन में दर्ज कराई है।
यह शिकायत 27 जुलाई 2026 को दर्ज की गई। वायरल वीडियो में दावा किया गया था कि इंजीनियरिंग की प्रोविजनल मेरिट लिस्ट में विसंगतियां हैं। इस बीच, 22 जुलाई को प्रोविजनल मेरिट लिस्ट जारी की गई थी और 27 जुलाई को फाइनल मेरिट लिस्ट पब्लिश कर दी गई। अब 28 जुलाई से 30 जुलाई तक CAP राउंड 1 के लिए ऑप्शन फॉर्म भरने की प्रक्रिया शुरू हो गई है।
मामले पर सफाई देते हुए CET Cell के कमिश्नर Dileep Sardesai ने कहा कि HSC बोर्ड के नंबर और CET स्कोर में अंतर होना कोई असामान्य बात नहीं है। उन्होंने बताया कि 202 छात्र ऐसे हैं जिन्होंने MHT-CET में 98 से 100 परसेंटाइल स्कोर किया, लेकिन उनके HSC बोर्ड के PCM विषयों में केवल 40 से 50 प्रतिशत नंबर थे। वहीं, 50 छात्र ऐसे भी हैं जिनके बोर्ड में 90 प्रतिशत से ज्यादा नंबर थे, लेकिन CET में उनका स्कोर 30 परसेंटाइल से कम रहा।
कमिश्नर ने स्पष्ट किया कि परीक्षा केंद्रों का आवंटन पूरी तरह से ऑटोमेटेड तरीके से हुआ था और इस बार केवल सरकारी और प्राइवेट इंजीनियरिंग कॉलेजों की कंप्यूटर लैब का इस्तेमाल किया गया। उन्होंने यह भी कहा कि वायरल वीडियो में दिखाई गई जानकारी पूरी सच्चाई नहीं बताती है। हालांकि, विभाग उन 202 छात्रों के डेटा और उनके परीक्षा केंद्रों की गहराई से जांच करेगा।
CET Cell ने मार्च 2026 में परीक्षा में धोखाधड़ी रोकने के लिए नए नियम लागू किए थे। इसके तहत एग्जाम सेंटर में AI टूल्स, हिडन कैमरा, स्क्रीन मिररिंग, मोबाइल फोन, स्मार्टवॉच और ब्लूटूथ डिवाइस का इस्तेमाल पूरी तरह प्रतिबंधित है। नियमों के उल्लंघन पर उम्मीदवार की उम्मीदवारी रद्द करने और कानूनी कार्रवाई का प्रावधान है। सभी केंद्रों पर CCTV और बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन की व्यवस्था अनिवार्य की गई थी।
फिलहाल पुलिस उन लोगों की पहचान कर रही है जिन्होंने ये वीडियो वायरल किए और दावों की सच्चाई की जांच की जा रही है।