Maharashtra में आरक्षित सीटों से जीते पार्षदों को बड़ी राहत, Caste Validity सर्टिफिकेट जमा करने के लिए मिला 6 महीने का समय

Maharashtra: राज्य सरकार ने स्थानीय निकायों के आरक्षित सीटों से चुने गए प्रतिनिधियों को एक बड़ी राहत दी है। मुख्यमंत्री Devendra Fadnavis की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में फैसला लिया गया कि जाति प्रमाण पत्र (Caste Va

Maharashtra: राज्य सरकार ने स्थानीय निकायों के आरक्षित सीटों से चुने गए प्रतिनिधियों को एक बड़ी राहत दी है। मुख्यमंत्री Devendra Fadnavis की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में फैसला लिया गया कि जाति प्रमाण पत्र (Caste Validity Certificate) जमा करने की समय सीमा को 6 महीने के लिए बढ़ा दिया गया है। यह फैसला उन जनप्रतिनिधियों के लिए लिया गया है जो तकनीकी कारणों से अपने दस्तावेज जमा नहीं कर पाए थे।

दरअसल, 21 दिसंबर 2025 को हुए चुनावों के बाद चुने गए उम्मीदवारों के लिए सर्टिफिकेट जमा करने की आखिरी तारीख 20 जून 2026 थी। लेकिन सरकारी दफ्तरों में काम के बोझ और कर्मचारियों की कमी की वजह से कई आवेदन अभी भी लंबित हैं। साथ ही, जनगणना (Census) के काम में प्रशासनिक कर्मचारियों की ड्यूटी लगे होने के कारण जांच प्रक्रिया धीमी हो गई थी। इसी वजह से सरकार ने इसे एक विशेष मामला मानते हुए समय सीमा बढ़ाई है ताकि चुने हुए प्रतिनिधियों की सदस्यता बची रहे और स्थानीय निकायों का कामकाज न रुके।

इस फैसले को कानूनी रूप देने के लिए सरकार ने मुंबई नगर निगम अधिनियम, महाराष्ट्र नगर पालिका अधिनियम और महाराष्ट्र नगर परिषद, नगर पंचायत एवं औद्योगिक टाउनशिप अधिनियम में जरूरी बदलावों को मंजूरी दे दी है। सरकार जल्द ही इस संबंध में एक औपचारिक सरकारी संकल्प (GR) जारी करेगी, जिसके बाद यह नई समय सीमा लागू हो जाएगी।

गौरतलब है कि फरवरी 2024 में Supreme Court ने भी यह स्पष्ट किया था कि आरक्षित सीटों से चुने गए सदस्यों को समय पर जाति वैधता प्रमाण पत्र जमा करना होगा, वरना उन्हें अयोग्य घोषित किया जा सकता है। इसी कानूनी दबाव और प्रशासनिक देरी को देखते हुए राज्य सरकार ने यह कदम उठाया है। इसके अलावा, सरकार अब जाति प्रमाण पत्र की प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल बनाने की तैयारी कर रही है, जिसके लिए Social Justice Department ने TCS के साथ समझौता किया है ताकि भविष्य में ऐसी देरी न हो।