Maharashtra में महिला किशोर कैदियों की मदद के लिए सरकार का बड़ा फैसला, अब मिलेंगे 50 हजार रुपये
Maharashtra: राज्य सरकार ने जेल से छूटने वाली महिला किशोर कैदियों के पुनर्वास के लिए दी जाने वाली आर्थिक सहायता राशि को दोगुना कर दिया है। मंगलवार, 14 जुलाई 2026 को कैबिनेट की बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। अब इन
Maharashtra: राज्य सरकार ने जेल से छूटने वाली महिला किशोर कैदियों के पुनर्वास के लिए दी जाने वाली आर्थिक सहायता राशि को दोगुना कर दिया है। मंगलवार, 14 जुलाई 2026 को कैबिनेट की बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। अब इन महिलाओं को सहायता के तौर पर 50,000 रुपये दिए जाएंगे, ताकि वे समाज में वापस लौटकर अपना जीवन शुरू कर सकें।
यह फैसला बॉम्बे हाई कोर्ट के निर्देशों के बाद लिया गया है। महिला एवं बाल कल्याण मंत्री Aditi Tatkare ने पुष्टि की कि कोर्ट के सुझावों को देखते हुए इस राशि में बढ़ोतरी की गई है। इससे पहले साल 2024 में इस सहायता राशि को बढ़ाकर 25,000 रुपये किया गया था, जबकि शुरुआत में यह राशि केवल 1,000 रुपये थी।
महिला एवं बाल विकास विभाग (WCD) द्वारा इस योजना को लागू किया जा रहा है। इस सहायक अनुदान योजना का मुख्य मकसद जेल से छूटी महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ना है। यह योजना राज्य में पिछले तीन दशकों से अधिक समय से चल रही है।
इस मदद को पाने के लिए कुछ नियम तय किए गए हैं:
- उन किशोरियों को यह लाभ मिलेगा जिन्हें कोर्ट ने बेगुनाह पाया है।
- Probation of Offenders Act, 1958 के तहत सजा काटने वाली महिलाएं भी इसके लिए पात्र होंगी।
- अब उन कैदियों को भी इसमें शामिल किया गया है जिन्हें एक साल या उससे ज्यादा समय जेल में बिताने के बाद बरी किया गया है।
सरकार ने इस योजना के लिए 44 लाख रुपये का बजट रखा है। आंकड़ों की बात करें तो साल 2009-10 से 2021-22 के बीच 1,015 किशोरियों ने इस योजना का फायदा उठाया। पिछले तीन सालों में करीब 162 किशोरियां रिहा हुईं, जिनमें से 155 को इस योजना के तहत आर्थिक मदद मिली है।