Maharashtra में नगर निकायों की कमाई बढ़ाने के लिए नई पॉलिसी मंजूर, अब लीज पर दी जाएंगी सरकारी संपत्तियां

Maharashtra: राज्य सरकार ने नगर निगमों और नगर परिषदों की माली हालत सुधारने के लिए एक बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में मंगलवार, 14 जुलाई 2026 को कैबिनेट बैठक हुई, जिसमें ‘एसेट मोनेटाइ

Maharashtra: राज्य सरकार ने नगर निगमों और नगर परिषदों की माली हालत सुधारने के लिए एक बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में मंगलवार, 14 जुलाई 2026 को कैबिनेट बैठक हुई, जिसमें ‘एसेट मोनेटाइजेशन पॉलिसी’ को मंजूरी दी गई। इस नई योजना का मकसद सरकारी संपत्तियों का सही इस्तेमाल करके नगर निकायों की कमाई बढ़ाना है ताकि वे अपने खर्चों के लिए राज्य सरकार के अनुदान पर निर्भर न रहें।

इस पॉलिसी के तहत अब नगर निकाय अपनी खाली जमीनों, इमारतों, कमर्शियल कॉम्प्लेक्स और बाजारों को लीज पर दे सकेंगे या PPP (पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप) मॉडल के जरिए विकसित कर सकेंगे। सरकार का लक्ष्य है कि 31 जुलाई 2031 तक ये निकाय आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन जाएं। इससे होने वाली कमाई का इस्तेमाल शहर की बुनियादी सुविधाओं जैसे पानी की सप्लाई, साफ-सफाई, सड़कों के निर्माण, स्वास्थ्य और शिक्षा सेवाओं को बेहतर बनाने में किया जाएगा।

यह पॉलिसी राज्य के सभी छोटे-बड़े स्थानीय निकायों पर लागू होगी, जिसका विवरण नीचे दिया गया है:

निकाय का प्रकार कुल संख्या
Municipal Corporations (नगर निगम) 29
‘A’ Class Municipal Councils 15
‘B’ Class Municipal Councils 78
‘C’ Class Municipal Councils 146
Nagar Panchayats (नगर पंचायत) 743

अधिकारियों ने बताया कि इस पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी और प्रतिस्पर्धी रखा जाएगा ताकि सरकारी संपत्तियों का अधिकतम लाभ मिल सके। इस कदम से स्थानीय निकायों के पास अपने फंड होंगे, जिससे शहरी विकास की रफ्तार बढ़ेगी और जनता को बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी।