Maharashtra: महाराष्ट्र सरकार ने राज्य के सभी ऑटो रिक्शा और टैक्सी ड्राइवरों के लिए एक सख्त नियम लागू किया है। अब ड्राइवरों को अपनी रोजी-रोटी जारी रखने के लिए मराठी भाषा सीखनी होगी। परिवहन मंत्री Pratap Sarnaik ने साफ कर
Maharashtra: महाराष्ट्र सरकार ने राज्य के सभी ऑटो रिक्शा और टैक्सी ड्राइवरों के लिए एक सख्त नियम लागू किया है। अब ड्राइवरों को अपनी रोजी-रोटी जारी रखने के लिए मराठी भाषा सीखनी होगी। परिवहन मंत्री Pratap Sarnaik ने साफ कर दिया है कि जो ड्राइवर 15 अगस्त 2026 तक व्यावहारिक मराठी नहीं सीखेंगे, उनका लाइसेंस और बैज रद्द किया जा सकता है।
मराठी भाषा सीखने की समय सीमा और नियम क्या हैं?
सरकार ने इसके लिए 1 मई 2026 से राज्य के सभी 59 RTO में 100 दिनों का एक विशेष अभियान शुरू किया है। ड्राइवरों को 15 अगस्त 2026 तक मराठी बोलना, पढ़ना और लिखना सीखना होगा। हालांकि, शुरुआती तौर पर सिर्फ बातचीत करने लायक बुनियादी जानकारी होना ही काफी माना जाएगा। 16 अगस्त 2026 से उन ड्राइवरों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू होगी जिन्होंने यह नियम नहीं माना होगा।
ड्राइवर्स की मदद के लिए सरकार क्या कर रही है?
परिवहन मंत्री Pratap Sarnaik ने कहा कि महाराष्ट्र में रहने और काम करने के लिए यहाँ की भाषा जानना जरूरी है। सरकार ने ड्राइवरों की मांग पर उन्हें सीखने के लिए 105 दिन का समय दिया है। RTO और अन्य संस्थानों में मराठी भाषा की क्लास चलाई जा रही हैं, जिनमें ड्राइवर दाखिला ले सकते हैं। मुख्यमंत्री Devendra Fadnavis ने भी कहा है कि भाषा को जबरदस्ती के बजाय शिक्षा के जरिए बढ़ावा दिया जाना चाहिए।
किन्हें प्रभावित करेगा यह नया नियम?
यह नियम फिलहाल सभी लाइसेंस प्राप्त ऑटो और टैक्सी ड्राइवरों पर लागू है। भविष्य में इसे Ola, Uber और Rapido जैसे ऐप आधारित कैब ड्राइवरों के लिए भी अनिवार्य किया जा सकता है। मीरा-भायंदर में हुए एक पायलट सर्वे में पाया गया कि करीब 80 प्रतिशत से ज्यादा ड्राइवर मराठी में बात कर पा रहे थे, जिसके बाद अब इसे पूरे राज्य में सख्ती से लागू किया जा रहा है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
मराठी न जानने वाले ड्राइवरों पर कब से कार्रवाई होगी?
15 अगस्त 2026 तक ड्राइवरों को भाषा सीखने का समय दिया गया है। 16 अगस्त 2026 से नियम का पालन न करने वालों पर कानूनी कार्रवाई होगी और उनका लाइसेंस या बैज रद्द हो सकता है।
क्या इसके लिए कोई ट्रेनिंग की सुविधा उपलब्ध है?
हाँ, राज्य के सभी 59 RTO और अन्य संस्थानों में मराठी भाषा की क्लास उपलब्ध कराई जा रही हैं। साथ ही कोंकण मराठी साहित्य परिषद और मुंबई मराठी साहित्य संघ भी इसमें मदद कर रहे हैं।