Maharashtra में ऑटो और टैक्सी ड्राइवरों के लिए मराठी अनिवार्य, 1 लाख से ज्यादा ने सीखा भाषा का बेसिक ज्ञान
Maharashtra: राज्य सरकार ने गैर-मराठी बोलने वाले ऑटो और टैक्सी ड्राइवरों के लिए मराठी भाषा का प्रशिक्षण अनिवार्य कर दिया है। ‘हिंदुहृदयसम्राट बालासाहेब ठाकरे मराठी शिक्षण अभियान’ के तहत अब तक एक लाख से ज्यादा
Maharashtra: राज्य सरकार ने गैर-मराठी बोलने वाले ऑटो और टैक्सी ड्राइवरों के लिए मराठी भाषा का प्रशिक्षण अनिवार्य कर दिया है। ‘हिंदुहृदयसम्राट बालासाहेब ठाकरे मराठी शिक्षण अभियान’ के तहत अब तक एक लाख से ज्यादा ड्राइवरों ने बुनियादी मराठी बोलना सीख लिया है। यह कदम यात्रियों की सुरक्षा और बातचीत को आसान बनाने के लिए उठाया गया है।
सरकार ने महाराष्ट्र मोटर वाहन नियम 1989 के नियमों 4, 22, 78 और 85 में बदलाव किए हैं। अब ट्रांसपोर्ट लाइसेंस, बैज और परमिट के नवीनीकरण के लिए मराठी का व्यावहारिक ज्ञान होना जरूरी होगा। इसमें व्याकरण के बजाय रोजमर्रा की बातचीत पर ध्यान दिया गया है। जो ड्राइवर यह कोर्स पूरा करेंगे, उन्हें सर्टिफिकेट दिया जाएगा जो लाइसेंस रिन्यू कराने में काम आएगा।
परिवहन मंत्री Pratap Sarnaik ने कहा कि मराठी सीखना कोई मजबूरी नहीं बल्कि राज्य और यहाँ के लोगों के प्रति सम्मान जताने का तरीका है। उन्होंने ऐप आधारित टैक्सी ड्राइवरों को भी 15 अगस्त तक ट्रेनिंग पूरी करने की सलाह दी है। मराठी आयोग के अध्यक्ष Ravi Gaikwad ने भी ड्राइवरों से अपील की है कि वे समय सीमा के भीतर इस प्रोग्राम को पूरा करें ताकि यात्रियों के साथ बेहतर तालमेल बैठ सके।
| मुख्य विवरण | जानकारी |
|---|---|
| ट्रेनिंग पूरा करने वाले ड्राइवर | 1 लाख से अधिक |
| अनिवार्यता की तारीख | 1 मई 2026 से |
| अंतिम समय सीमा | 15 अगस्त 2026 |
| नियम लागू होने की तारीख | 16 अगस्त 2026 |
| सर्टिफिकेट वितरण समारोह | 17 अगस्त (ठाणे) |
| प्रशिक्षण भागीदार | मुंबई मराठी साहित्य संघ और कोंकण मराठी साहित्य परिषद |
16 अगस्त से नियम सख्ती से लागू होंगे और जो ड्राइवर बुनियादी मराठी नहीं बोल पाएंगे, उन पर जुर्माना लगाया जाएगा। क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (RTO) द्वारा वेरिफिकेशन ड्राइव भी चलाए जाएंगे। 17 अगस्त को ठाणे के राम गणेश गडकरी रंगयतन में एक कार्यक्रम होगा, जहाँ मुख्यमंत्री Devendra Fadnavis और अन्य वरिष्ठ मंत्री सफल ड्राइवरों को सर्टिफिकेट बांटेंगे।