Bihar: मधेपुरा के सदर अस्पताल में टीबी मरीजों की मदद के लिए एक खास कैंप लगाया गया। यह कैंप “टीबी हारेगा देश जीतेगा” अभियान के तहत आयोजित किया गया था। इसका मुख्य मकसद टीबी से जूझ रहे मरीजों को बेहतर पोषण देना और उनके इलाज
Bihar: मधेपुरा के सदर अस्पताल में टीबी मरीजों की मदद के लिए एक खास कैंप लगाया गया। यह कैंप “टीबी हारेगा देश जीतेगा” अभियान के तहत आयोजित किया गया था। इसका मुख्य मकसद टीबी से जूझ रहे मरीजों को बेहतर पोषण देना और उनके इलाज में मदद करना है।
मरीजों को कितनी आर्थिक मदद मिलेगी?
कैंप में मौजूद अधिकारियों ने बताया कि टीबी मरीजों को पोषण सहायता के लिए हर महीने 500 रुपये से लेकर 1000 रुपये तक की राशि दी जाएगी। यह आर्थिक मदद मरीज को तब तक मिलती रहेगी जब तक कि उनका पूरा इलाज खत्म नहीं हो जाता। इस पहल से गरीब मरीजों को दवाइयों के साथ-साथ अच्छा खाना खाने में मदद मिलेगी।
क्या है टीबी हारेगा देश जीतेगा अभियान?
यह एक राष्ट्रीय अभियान है जिसे भारत सरकार के स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने शुरू किया है। इसका लक्ष्य साल 2025 तक भारत से टीबी को पूरी तरह खत्म करना है। इस अभियान के तहत Nikshay Poshan Yojana भी चलाया जा रहा है, जिसमें मरीजों को मुफ्त जांच, दवाइयां और पोषण के लिए पैसे दिए जाते हैं।
बिहार में इस योजना को कौन संभाल रहा है?
- National Health Mission-Bihar और NTEP का स्टाफ।
- आशा (ASHA), एएनएम (ANM) और आंगनवाड़ी कार्यकर्ता।
- जीविका (JEEVIKA) समूह और केयर-इंडिया जैसे संगठन।
- ब्लॉक स्तर पर पंचायती राज संस्थान के सदस्य।