UP: लखनऊ के नवाब वाजिद अली शाह प्राणि उद्यान में जल्द ही जानवरों की संख्या बढ़ने वाली है। चिड़ियाघर प्रशासन नए वन्यजीवों को लाने की तैयारी कर रहा है, जिससे यहाँ आने वाले सैलानियों को अब व्हाइट टाइगर, हिप्पो, शुतुरमुर्ग औ
UP: लखनऊ के नवाब वाजिद अली शाह प्राणि उद्यान में जल्द ही जानवरों की संख्या बढ़ने वाली है। चिड़ियाघर प्रशासन नए वन्यजीवों को लाने की तैयारी कर रहा है, जिससे यहाँ आने वाले सैलानियों को अब व्हाइट टाइगर, हिप्पो, शुतुरमुर्ग और चिंकारा जैसे जानवर एक ही जगह देखने को मिलेंगे।
नए जानवर कहाँ से आएंगे और क्या होगा विनिमय
इस विस्तार के लिए लखनऊ चिड़ियाघर ने छत्तीसगढ़ के रायपुर और बिलासपुर के चिड़ियाघरों से संपर्क किया है, जहाँ वन्यजीव विनिमय (Exchange) के लिए सहमति बन गई है। इसके अलावा, चेन्नई के अरिग्नार अन्ना जूलॉजिकल पार्क से ‘चिंकी’ नाम की एक व्हाइट टाइग्रेस के आने की उम्मीद है। इसके बदले में लखनऊ चिड़ियाघर से एक शेरनी, चार जोड़े पेलिकन, दो जोड़े रेड जंगल फाउल, एक जोड़ा सारस क्रेन और गोल्डन तीतर चेन्नई भेजे जाएंगे। नई टाइग्रेस को क्वारंटाइन के बाद ‘जय’ नाम के बाघ के साथ रखा जाएगा।
चिड़ियाघर के मैनेजमेंट और सुविधाओं में क्या बदलाव हुए
27 जनवरी 2026 को संजय कुमार बिस्वाल को लखनऊ चिड़ियाघर का नया निदेशक नियुक्त किया गया है। उन्होंने जानवरों की देखभाल के लिए कई इंतजाम किए हैं। मई 2026 की भीषण गर्मी से बचाने के लिए बाड़ों में 48 स्प्रिंकलर, कूलर और फॉगर्स लगाए गए हैं। जानवरों के खाने में ठंडी तासीर वाले फल और तरल पदार्थ शामिल किए गए हैं, जबकि पक्षियों के लिए फूस और सरकंडे की छाया बनाई गई है।
कुकरैल शिफ्टिंग और नाइट सफारी का क्या स्टेटस है
सुप्रीम कोर्ट की केंद्रीय अधिकार प्राप्त समिति (CEC) ने लखनऊ चिड़ियाघर को कुकरैल में शिफ्ट करने के सरकारी फैसले पर रोक लगा दी है। समिति ने सुझाव दिया है कि मौजूदा 72 एकड़ परिसर का ही आधुनिकीकरण किया जाए। हालांकि, कुकरैल में नाइट सफारी को कुछ शर्तों के साथ मंजूरी मिली है। इसमें एडवेंचर ज़ोन को रद्द करना होगा और सड़कों को दो लेन तक ही सीमित रखना होगा। इसकी निगरानी के लिए एक विशेष कमेटी हर महीने निरीक्षण करेगी।
Frequently Asked Questions (FAQs)
लखनऊ चिड़ियाघर में कौन से नए जानवर आने वाले हैं?
लखनऊ चिड़ियाघर में व्हाइट टाइगर, हिप्पो (दरियाई घोड़ा), शुतुरमुर्ग और चिंकारा जैसे नए वन्यजीवों को शामिल करने की तैयारी चल रही है।
क्या लखनऊ चिड़ियाघर अब कुकरैल शिफ्ट होगा?
नहीं, सुप्रीम कोर्ट की CEC ने इसे कुकरैल शिफ्ट करने पर रोक लगा दी है और मौजूदा 72 एकड़ परिसर को ही आधुनिक बनाने का सुझाव दिया है।