Lucknow Zoo में जल्द दिखेंगे व्हाइट टाइगर और चिंकारा, जानवरों की संख्या बढ़ाने की तैयारी
UP : लखनऊ के नवाब वाजिद अली शाह प्राणि उद्यान में जल्द ही नए वन्यजीवों की रौनक बढ़ने वाली है। चिड़ियाघर प्रशासन जानवरों की संख्या बढ़ाने के लिए तैयारी कर रहा है, जिसमें सफेद बाघ और चिंकारा जैसे जानवर शामिल होंगे। शहर के
UP : लखनऊ के नवाब वाजिद अली शाह प्राणि उद्यान में जल्द ही नए वन्यजीवों की रौनक बढ़ने वाली है। चिड़ियाघर प्रशासन जानवरों की संख्या बढ़ाने के लिए तैयारी कर रहा है, जिसमें सफेद बाघ और चिंकारा जैसे जानवर शामिल होंगे। शहर के लोगों के लिए यह अच्छी खबर है क्योंकि अब उन्हें एक ही जगह पर और भी ज्यादा प्रजातियों के जानवर देखने को मिलेंगे।
कौन से नए जानवर आ रहे हैं और कहां से आएंगे?
पशु विनिमय कार्यक्रम के तहत चेन्नई के अरिग्नार अन्ना जूलॉजिकल पार्क से एक सफेद बाघिन ‘चिंकी’ लखनऊ लाई जा रही है। उसके आने के बाद उसे 15 दिन क्वारंटाइन में रखा जाएगा, जिसके बाद उसे बाघ ‘जय’ के साथ रखा जाएगा। इसके अलावा जयपुर चिड़ियाघर से चिंकारा और लकड़बग्घे की एक जोड़ी भी लखनऊ आने वाली है। इन जानवरों के मई-जून 2026 तक आने की उम्मीद है।
नाइट सफारी और सुविधाओं में क्या बदलाव होंगे?
लखनऊ चिड़ियाघर को कुकरैल में शिफ्ट करने की योजना है, जहां दिसंबर 2026 तक नाइट सफारी का काम पूरा होने की उम्मीद है। सेंट्रल ज़ू अथॉरिटी (CZA) ने इस प्रोजेक्ट को मंजूरी दे दी है। इसके साथ ही सरकार ने 1.91 करोड़ रुपये की इको-टूरिज्म परियोजना को भी मंजूरी दी है, जिससे यहां नए झूले और बैठने के लिए बांस की जगह जैसी सुविधाएं मिलेंगी।
भीषण गर्मी से जानवरों को कैसे बचाया जा रहा है?
चिड़ियाघर के निदेशक संजय कुमार बिस्वाल ने बताया कि गर्मी से बचाव के लिए बाड़ों में स्प्रिंकलर सिस्टम और कूलर लगाए गए हैं। जानवरों के खाने में भी बदलाव किया गया है, जिसमें उन्हें मौसमी फल और पौष्टिक भोजन दिया जा रहा है ताकि वे इस मौसम में स्वस्थ रह सकें।
Frequently Asked Questions (FAQs)
लखनऊ चिड़ियाघर में सफेद बाघों की कुल संख्या कितनी हो जाएगी?
चेन्नई से नई बाघिन ‘चिंकी’ के आने के बाद लखनऊ चिड़ियाघर में सफेद बाघों की कुल संख्या तीन हो जाएगी।
कुकरैल में नाइट सफारी कब तक तैयार होगी?
कुकरैल में बन रही नाइट सफारी के दिसंबर 2026 तक पूरा होने की उम्मीद है, जिसे CZA की मंजूरी मिल चुकी है।