Lucknow Zoo में इंटरनेशनल टाइगर डे पर आकर्षण का केंद्र बना ‘मैनईटर’ छेदीलाल

Lucknow: इंटरनेशनल टाइगर डे के मौके पर लखनऊ चिड़ियाघर में आने वाले लोग एक खास मेहमान को देखने के लिए उमड़ रहे हैं। यहाँ का सबसे चर्चित बाघ ‘छेदीलाल’ इस समय लोगों के लिए मुख्य आकर्षण बन गया है। एक समय में आदमख

Lucknow: इंटरनेशनल टाइगर डे के मौके पर लखनऊ चिड़ियाघर में आने वाले लोग एक खास मेहमान को देखने के लिए उमड़ रहे हैं। यहाँ का सबसे चर्चित बाघ ‘छेदीलाल’ इस समय लोगों के लिए मुख्य आकर्षण बन गया है। एक समय में आदमखोर रहे इस बाघ का अब बदला हुआ व्यवहार लोगों को हैरान कर रहा है।

छेदीलाल को साल 2016 में लखनऊ जू लाया गया था। वह पहले खेरी के जंगलों में काफी खूंखार था और उसने कई लोगों को अपना शिकार बनाया था। उस समय उसे पकड़ने के लिए 11 दिनों तक बड़ा अभियान चलाया गया था, जिसके बाद उसे बेहोश कर यहाँ शिफ्ट किया गया। विशेषज्ञों का कहना है कि छेदीलाल की एक आँख में मोतियाबिंद था और उसका एक दांत खराब था, जिसकी वजह से वह प्राकृतिक शिकार नहीं कर पाता था और इंसानों पर हमला करने लगा था।

लखनऊ जू के डिप्टी डायरेक्टर उत्कर्ष शुक्ला और Wildlife Trust of India के विशेषज्ञों ने उसे यहाँ ढालने में मदद की। शुरुआत में वह काफी आक्रामक था, लेकिन समय के साथ और अच्छे रखरखाव की वजह से उसका रवैया बदल गया। जू डायरेक्टर ए के सिंह ने बताया कि अब उसका व्यवहार सामान्य हो गया है। यह बात सामने आई है कि सकारात्मक माहौल और सही देखभाल का असर सिर्फ इंसानों पर ही नहीं, बल्कि ऐसे आदमखोर जानवरों पर भी पड़ता है।