Lucknow चिड़ियाघर में मगरमच्छों की अनूठी जीवनशैली का खुलासा, जानें कैसे करते हैं शिकार

Lucknow: नवाब वाजिद अली शाह प्राणि उद्यान यानी लखनऊ चिड़ियाघर में विश्व मगरमच्छ दिवस के मौके पर एक खास अध्ययन किया गया है। इस रिसर्च में मगरमच्छों के रहने के तरीके और उनके शिकार करने की रणनीति के बारे में कई दिलचस्प बाते

Lucknow: नवाब वाजिद अली शाह प्राणि उद्यान यानी लखनऊ चिड़ियाघर में विश्व मगरमच्छ दिवस के मौके पर एक खास अध्ययन किया गया है। इस रिसर्च में मगरमच्छों के रहने के तरीके और उनके शिकार करने की रणनीति के बारे में कई दिलचस्प बातें सामने आई हैं। चिड़ियाघर के वन्यजीव डॉक्टरों ने बताया है कि ये जीव अपनी शारीरिक क्षमता के कारण पानी में लंबे समय तक रह सकते हैं।

चिड़ियाघर के उप निदेशक और वन्यजीव चिकित्सक Utkarsh Shukla ने जानकारी दी कि मगरमच्छ आमतौर पर 15 से 30 मिनट तक अपनी सांस रोक सकते हैं। कुछ खास हालातों में ये दो घंटे या उससे भी ज्यादा समय तक पानी के अंदर रह सकते हैं, क्योंकि इनका शरीर ऑक्सीजन का इस्तेमाल बहुत कम करता है। वहीं, चिड़ियाघर के निदेशक Sanjay Kumar Bishwal के मुताबिक परिसर में फिलहाल 13 मगरमच्छ मौजूद हैं।

अध्ययन में यह भी पाया गया कि मगरमच्छ शिकार करने या खाना पचाने से पहले अपने शरीर का तापमान बढ़ाते हैं, जिससे मांस को पचाने में आसानी होती है। इनका मेटाबॉलिज्म यानी उपापचय बहुत धीमा होता है, जिसकी वजह से एक बार पेट भरकर खाना खाने के बाद ये कई महीनों तक बिना कुछ खाए-पिए जिंदा रह सकते हैं।

मौसम के हिसाब से इनके खान-पान में भी बदलाव होता है। गर्मियों के दौरान मगरमच्छ अपना ज्यादातर समय पानी के अंदर ही बिताते हैं और उन्हें हफ्ते में सिर्फ दो दिन खाना दिया जाता है। वहीं सर्दियों के मौसम में ये पूरी तरह से खाना बंद कर देते हैं।