Lucknow में योग कोर्स की बढ़ी डिमांड, करियर के नए मौके देख यूनिवर्सिटी में लगी लंबी कतारें

Lucknow: राजधानी लखनऊ में अब युवा योग को सिर्फ सेहत के लिए नहीं बल्कि करियर बनाने के लिए चुन रहे हैं। योग के क्षेत्र में रोजगार के बढ़ते अवसरों की वजह से यूनिवर्सिटी की कक्षाओं में रौनक बढ़ गई है और एडमिशन के लिए छात्रों

Lucknow: राजधानी लखनऊ में अब युवा योग को सिर्फ सेहत के लिए नहीं बल्कि करियर बनाने के लिए चुन रहे हैं। योग के क्षेत्र में रोजगार के बढ़ते अवसरों की वजह से यूनिवर्सिटी की कक्षाओं में रौनक बढ़ गई है और एडमिशन के लिए छात्रों की लंबी कतारें लग रही हैं।

Lucknow University के योग विभाग के समन्वयक डॉ. अमरजीत यादव ने बताया कि यूनिवर्सिटी के योग कोर्स में छात्रों की संख्या में बड़ा उछाल आया है। साल 2020 में जहां केवल 37 छात्र थे, वहीं अब यह संख्या बढ़कर 200 के पार पहुंच गई है। यूनिवर्सिटी में BA/BSc (योग) के लिए 60, MA/MSc (योग) के लिए 50 और पीजी डिप्लोमा इन योग के लिए 40 सीटें उपलब्ध हैं। बता दें कि इस यूनिवर्सिटी ने कोविड-19 महामारी के दौरान देश का पहला योग संकाय (Faculty of Yoga and Alternative Medicine) बनाया था।

वहीं, डॉ. शकुंतला मिश्रा नेशनल रिहैबिलिटेशन यूनिवर्सिटी भी इस दिशा में आगे बढ़ रही है। स्पोर्ट्स और योग सेल के डायरेक्टर पांडेय राजीव नयन ने बताया कि इस सत्र से योग में एक साल का सर्टिफिकेट कोर्स शुरू किया गया है। इसकी फीस करीब पांच हजार रुपये है, जबकि दिव्यांग छात्रों को फीस में 50% की छूट दी जाएगी। आने वाले समय में यहां डिप्लोमा और डिग्री कोर्स भी शुरू किए जाएंगे।

योग के क्षेत्र में अब नौकरी के कई रास्ते खुल गए हैं। योग विशेषज्ञ अब Ayush अस्पताल, केंद्रीय विद्यालय, AIIMS, मोरारजी देसाई नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ योग और नेशनल आयुष मिशन के प्रोजेक्ट्स में काम कर सकते हैं। इसके अलावा योग इंस्ट्रक्टर, थेरेपिस्ट, वेलनेस कंसल्टेंट और कॉर्पोरेट योग ट्रेनर के रूप में जिम, स्पा और रिसॉर्ट्स में भी अच्छी संभावनाएं हैं। लखनऊ यूनिवर्सिटी द्वारा लाइफस्टाइल बीमारियों जैसे डायबिटीज, हाइपरटेंशन और तनाव को दूर करने के लिए मुफ्त योग ट्रेनिंग कैंप भी लगाए जाते हैं।