UP : लखनऊ में विश्व पर्यावरण दिवस 2026 को बड़े स्तर पर मनाया गया। इस मौके पर Amity University के लखनऊ कैंपस में ‘इंस्पायर्ड बाय नेचर’ थीम के तहत पौधरोपण किया गया और पर्यावरण बचाने के लिए वेबिनार आयोजित किए गए
UP : लखनऊ में विश्व पर्यावरण दिवस 2026 को बड़े स्तर पर मनाया गया। इस मौके पर Amity University के लखनऊ कैंपस में ‘इंस्पायर्ड बाय नेचर’ थीम के तहत पौधरोपण किया गया और पर्यावरण बचाने के लिए वेबिनार आयोजित किए गए। पूरे शहर और प्रदेश में प्रकृति को बचाने और जलवायु परिवर्तन से लड़ने के लिए कई कार्यक्रम हुए।
विश्व पर्यावरण दिवस 2026 की थीम और खास बातें क्या रहीं?
इस साल विश्व पर्यावरण दिवस 5 जून को मनाया गया। इसकी आधिकारिक थीम “प्रकृति से प्रेरित। जलवायु के लिए। हमारे भविष्य के लिए।” रखी गई थी। इस थीम का मुख्य मकसद कार्बन उत्सर्जन को कम करना, नवीकरणीय ऊर्जा को अपनाना और प्रकृति के जरिए जलवायु परिवर्तन की समस्या को हल करना है।
UP और Lucknow में पर्यावरण बचाने के लिए क्या कदम उठाए गए?
उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कुकरैल वन क्षेत्र से “एक पेड़ मां के नाम” अभियान शुरू किया, जिसमें एक दिन में 5 करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य था। लखनऊ में बायोप्लास्टिक को बढ़ावा देने के लिए “बायोयुग ग्रीन कमांड-2026” की शुरुआत हुई। साथ ही, मुख्यमंत्री ने ₹2,741 करोड़ की स्वच्छ वायु प्रबंधन परियोजना का शुभारंभ किया और लखनऊ यूनिवर्सिटी में साइकिल रैली निकाली गई।
विशेषज्ञों ने पर्यावरण संरक्षण के लिए क्या सलाह दी?
Amity Institute of Environmental Sciences के प्रो. डी. के. बंद्योपाध्याय ने “मिशन लाइफ” के बारे में बताया, जो लोगों को रोजमर्रा की जिंदगी में जिम्मेदार आदतें अपनाने के लिए प्रेरित करता है। वहीं डॉ. एस. पी. सिंह ने कहा कि पर्यावरण की स्थिरता तभी आएगी जब हर व्यक्ति अपनी जीवनशैली में जिम्मेदार बदलाव करेगा। उत्तर रेलवे के मंडल रेल प्रबंधक सुनील कुमार वर्मा ने भी कर्मचारियों को पर्यावरण बचाने की शपथ दिलाई।
Frequently Asked Questions (FAQs)
विश्व पर्यावरण दिवस 2026 की थीम क्या थी?
वर्ष 2026 की आधिकारिक थीम “प्रकृति से प्रेरित। जलवायु के लिए। हमारे भविष्य के लिए।” (‘Inspired by Nature. For Climate. For Our Future.’) रखी गई थी।
UP में ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान का लक्ष्य क्या था?
इस अभियान की शुरुआत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कुकरैल वन क्षेत्र से की थी, जिसके तहत पूरे प्रदेश में एक दिन में 5 करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया था।