Lucknow में गोमती और शारदा नहर में चलेंगी वॉटर टैक्सी, 1170 करोड़ की लागत से जाम से मिलेगी राहत

Lucknow : लखनऊ के लोगों को शहर के ट्रैफिक जाम से जल्द ही छुटकारा मिल सकता है। यूपी स्टेट कैपिटल रीजन (SCR) ने शहर के लिए एक खास सिटी वॉटर ट्रांसपोर्टेशन प्रोजेक्ट तैयार किया है। इसके तहत गोमती नदी, कुकरैल और शारदा नहर मे

Lucknow : लखनऊ के लोगों को शहर के ट्रैफिक जाम से जल्द ही छुटकारा मिल सकता है। यूपी स्टेट कैपिटल रीजन (SCR) ने शहर के लिए एक खास सिटी वॉटर ट्रांसपोर्टेशन प्रोजेक्ट तैयार किया है। इसके तहत गोमती नदी, कुकरैल और शारदा नहर में वॉटर टैक्सी चलाई जाएंगी, जिससे लोगों का सफर आसान होगा और प्रदूषण में भी कमी आएगी।

इस पूरी परियोजना पर करीब 1170 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसे चार चरणों में पूरा किया जाएगा और हर चरण के लिए दो साल का समय तय किया गया है। सरकार का लक्ष्य है कि साल 2032 तक इस प्रोजेक्ट को पूरी तरह चालू कर दिया जाए। इस सेवा को चलाने के लिए यूपी जल निगम और लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) मिलकर काम करेंगे और इसमें प्राइवेट कंपनियों की भागीदारी (PPP मॉडल) भी रहेगी।

वॉटर टैक्सी के लिए शहर में चार मुख्य रूट तय किए गए हैं। गोमती नदी में राष्ट्र प्रेरणा स्थल से ला-मार्टिनियर कॉलेज बैराज तक 13.8 किमी का रास्ता होगा। कुकरैल नदी में कल्याणपुर पूर्व से गोमती नगर तक 6.8 किमी की सेवा मिलेगी, जिस पर 190 करोड़ रुपये खर्च होंगे। हैदर कैनाल में सरोसा-भारोसा से शकुंतला मिश्रा यूनिवर्सिटी तक 13.41 किमी और शारदा नहर में सरोसा-भारोसा से एसजीपीजीआई तक 20 किमी का रूट होगा। शारदा नहर वाले रूट पर रेल बस की सुविधा भी मिलेगी।

रूट का नाम दूरी (किमी) मुख्य पॉइंट
गोमती नदी 13.8 राष्ट्र प्रेरणा स्थल से ला-मार्टिनियर कॉलेज
कुकरैल नदी 6.8 कल्याणपुर पूर्व से गोमती नगर
हैदर कैनाल 13.41 सरोसा-भारोसा से शकुंतला मिश्रा यूनिवर्सिटी
शारदा नहर 20 सरोसा-भारोसा से एसजीपीजीआई

नदियों में पानी की कमी को दूर करने के लिए सरकार गंगा और घाघरा नदियों से पाइपलाइन के जरिए पानी लखनऊ लाएगी। इसके लिए सरफेस वॉटर ग्रिड परियोजना को 12 जुलाई 2026 को मंजूरी मिल चुकी है। आम जनता की सुविधा के लिए वॉटर टैक्सी का किराया बस और ऑटो से कम रखने का प्रस्ताव है।

परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने कोच्चि मेट्रो के अधिकारियों से इस प्रोजेक्ट की तकनीकी बारीकियों पर चर्चा की है, क्योंकि यह पूरा मॉडल केरल के कोच्चि वॉटर मेट्रो से प्रेरित है। एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने बताया कि योजना का प्रेजेंटेशन समिति के सामने हो चुका है। वहीं, इस प्रोजेक्ट पर राजनीति भी शुरू हो गई है और सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने तंज कसते हुए पूछा है कि क्या ऐसी टैक्सियां जलमग्न गोरखपुर की सड़कों पर भी चलेंगी।