Lucknow के वार्डों का हाल जानने के लिए ‘वार्ड परिक्रमा’ मुहिम शुरू, सफाई और पानी की समस्या पर नजर
Lucknow: राजधानी लखनऊ के गली-मोहल्लों की जमीनी हकीकत जानने के लिए दैनिक भास्कर ‘वार्ड परिक्रमा’ मुहिम चला रहा है। इस सर्वे के जरिए यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि शहर के अलग-अलग वार्डों में सफाई की क्या
Lucknow: राजधानी लखनऊ के गली-मोहल्लों की जमीनी हकीकत जानने के लिए दैनिक भास्कर ‘वार्ड परिक्रमा’ मुहिम चला रहा है। इस सर्वे के जरिए यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि शहर के अलग-अलग वार्डों में सफाई की क्या स्थिति है, पानी साफ आ रहा है या गंदा और गलियों में कूड़े के ढेर तो नहीं लगे हैं।
शहर की व्यवस्थाओं को सुधारने के लिए सरकारी स्तर पर भी कोशिशें जारी हैं। नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा ने लखनऊ को स्वच्छता सर्वेक्षण में नंबर एक बनाने के लिए सामूहिक प्रयास करने को कहा है। उन्होंने निर्देश दिए थे कि 15 जून तक सभी नालों की सफाई पूरी कर ली जाए ताकि मानसून के समय जलभराव की समस्या न हो। महापौर सुषमा खर्कवाल ने भी नालों की शत-प्रतिशत सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए थे।
हालांकि, शहर के कुछ हिस्सों में नागरिक परेशानियां भी सामने आई हैं। मई 2026 में बिजली कटौती को लेकर कई इलाकों में लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया था, जिससे पानी की सप्लाई पर भी असर पड़ा। वहीं, इंदिरा नगर, आलमबाग और गोमती नगर जैसे इलाकों में पुरानी पाइपलाइनों के खराब होने से दूषित पानी की शिकायतें मिली थीं, जिन्हें बदलने के लिए जलकल विभाग ने प्रस्ताव भेजा है।
सकारात्मक पक्ष यह है कि लखनऊ उत्तर प्रदेश का पहला ऐसा शहर बन गया है जिसने शहरी ठोस कचरे का 100 प्रतिशत वैज्ञानिक प्रसंस्करण हासिल कर लिया है। अब शहर को ‘शून्य ताजे अपशिष्ट डंप’ शहर का दर्जा मिल चुका है और घर-घर से कचरा उठाने की व्यवस्था 96.53 प्रतिशत तक प्रभावी हो गई है।