Lucknow में व्यापारियों को दिया गया अग्नि सुरक्षा का लाइव डेमो, होटल और रेस्टोरेंट मालिक हुए शामिल
Lucknow: लखनऊ व्यापार मंडल ने शहर के व्यापारियों के लिए एक जागरूकता संवाद कार्यक्रम आयोजित किया। इस कार्यक्रम में व्यापारियों को आग से बचाव के तरीकों के बारे में बताया गया और लाइव डेमो दिया गया ताकि आपातकालीन स्थिति में
Lucknow: लखनऊ व्यापार मंडल ने शहर के व्यापारियों के लिए एक जागरूकता संवाद कार्यक्रम आयोजित किया। इस कार्यक्रम में व्यापारियों को आग से बचाव के तरीकों के बारे में बताया गया और लाइव डेमो दिया गया ताकि आपातकालीन स्थिति में वे सही कदम उठा सकें।
इस ट्रेनिंग प्रोग्राम में होटल, रेस्टोरेंट और अलग-अलग व्यापारिक प्रतिष्ठानों से बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। कार्यक्रम में मुख्य अग्निशमन अधिकारी Ankush Mittal और चौक अग्निशमन विभाग के अधिकारी Pushpendra Yadav मुख्य अतिथि के तौर पर मौजूद रहे। अधिकारियों ने व्यापारियों को अग्नि सुरक्षा उपकरणों के इस्तेमाल और सावधानी बरतने के तरीकों की जानकारी दी।
यह आयोजन ऐसे समय में हुआ है जब 22 जून 2026 को अलीगंज में हुए भीषण अग्निकांड में 15 लोगों की जान चली गई थी। उस हादसे के बाद से लखनऊ में अग्नि सुरक्षा को लेकर काफी चर्चा है। अलीगंज हादसे के बाद प्रशासन द्वारा व्यापारियों को दिए जा रहे नोटिसों और एकतरफा कार्रवाई का लखनऊ व्यापार मंडल ने 30 जून को विरोध भी किया था। मंडल के अध्यक्ष Amarnath Mishra ने कहा था कि प्रशासनिक लापरवाही और अव्यवस्थित शहरी व्यवस्था की वजह से हादसे होते हैं और व्यापारियों को बलि का बकरा बनाया जाता है।
सुरक्षा उपायों को लेकर उत्तर प्रदेश आदर्श व्यापार मंडल ने 29 जून को सरकार से मांग की थी कि दुकानों को सील करने के बजाय सुरक्षा ढांचे को मजबूत करने पर जोर दिया जाए। वहीं, संदीप बंसल ने व्यापारियों के लिए जागरूकता अभियान चलाने की बात कही थी। 1 जुलाई को संयुक्त उद्योग व्यापार मंडल ने प्रशासन को ज्ञापन देकर अग्नि सुरक्षा उपकरण लगाने के लिए कम से कम 10 दिन का समय मांगा था।
बता दें कि मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने 24 जून 2026 को पूरे राज्य में अग्नि सुरक्षा ऑडिट चलाने के निर्देश दिए थे। इसके तहत अस्पतालों, कोचिंग सेंटरों, शॉपिंग मॉल और सरकारी इमारतों की जांच की जा रही है। राष्ट्रीय स्तर पर भी चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (CTI) ने गृह मंत्री Amit Shah को एक प्रस्ताव भेजा है, जिसमें सुरक्षा किट पर रियायत और GST कम करने जैसी मांगें शामिल हैं।