UP : लखनऊ के वृंदावन योजना में फर्जी कागजात दिखाकर मकान बेचने के नाम पर लाखों रुपये हड़पने वाले गिरोह के दो सदस्यों को पुलिस ने पकड़ लिया है। पकड़े गए दोनों आरोपियों पर 50-50 हजार रुपये का इनाम घोषित था। पुलिस ने यह कामय
UP : लखनऊ के वृंदावन योजना में फर्जी कागजात दिखाकर मकान बेचने के नाम पर लाखों रुपये हड़पने वाले गिरोह के दो सदस्यों को पुलिस ने पकड़ लिया है। पकड़े गए दोनों आरोपियों पर 50-50 हजार रुपये का इनाम घोषित था। पुलिस ने यह कामयाबी सर्विलांस सेल और कई थानों की संयुक्त कार्रवाई के बाद हासिल की है।
कैसे हुई आरोपियों की गिरफ्तारी और कौन हैं ये लोग
पुलिस ने 5 जून 2026 को रायबरेली रोड पर किसान पथ की सर्विस लेन से सुनील कुमार शुक्ला (46 वर्ष) और विपिन कुमार शुक्ला (36 वर्ष) को गिरफ्तार किया। पीजीआई इंस्पेक्टर धीरेन्द्र कुमार के अनुसार, इन दोनों ने पूछताछ में माना है कि उन्होंने एक सोची-समझी साजिश के तहत फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल कर लोगों से पैसे ठगे थे। इस पूरी कार्रवाई में पीजीआई थाना, मोहनलालगंज थाना और सर्विलांस टीम की अहम भूमिका रही।
कितने रुपये की हुई ठगी और कौन है शिकायतकर्ता
यह पूरा मामला उन्नाव जिले के बेहटा नथई सिंह निवासी श्रीमती गायत्री देवी की शिकायत पर शुरू हुआ था। उन्होंने पीजीआई थाने में दर्ज कराया था कि वृंदावन योजना में मकान दिलाने के नाम पर उनसे करीब 73,99,911 रुपये की धोखाधड़ी हुई है। आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की कई गंभीर धाराओं जैसे 316(2), 318(4), 338 और 340(2) समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।
इस गिरोह में और कौन-कौन शामिल है
पुलिस जांच में पता चला है कि यह एक संगठित गिरोह था। एफआईआर में सुनील और विपिन के अलावा रवि सिंह, सर्वेश कुमार पांडे, गौरव अवस्थी, रीतू सिंह और कंचनलता उर्फ अंजना के नाम भी शामिल हैं। पुलिस ने बताया कि इस मामले में 4 अन्य आरोपियों के खिलाफ पहले ही कानूनी कार्रवाई की जा चुकी है और अब इस पूरे केस की आगे की विवेचना मोहनलालगंज थाने द्वारा की जा रही है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
वृंदावन योजना ठगी मामले में कितने रुपये की धोखाधड़ी हुई है?
इस मामले में फर्जी दस्तावेजों के जरिए मकान बेचने के नाम पर कुल 73,99,911 रुपये की ठगी की गई है।
गिरफ्तार आरोपियों पर कितना इनाम था और उन्हें कहाँ से पकड़ा गया?
गिरफ्तार आरोपी सुनील और विपिन पर 50-50 हजार रुपये का इनाम था। इन्हें लखनऊ के रायबरेली रोड स्थित किसान पथ की सर्विस लेन से गिरफ्तार किया गया।