Lucknow के विवेकानंदपुरी में सीवर और कूड़े की समस्या से लोग परेशान, सड़कों पर बह रहा गंदा पानी
Lucknow: राजधानी के विवेकानंदपुरी इलाके में रहने वाले लोग इन दिनों नगर निगम की लापरवाही से बेहद गुस्से में हैं। इलाके में न तो समय पर कूड़ा उठाया जा रहा है और न ही सीवर की समस्या दूर हो रही है। सड़कों पर सीवर का गंदा पान
Lucknow: राजधानी के विवेकानंदपुरी इलाके में रहने वाले लोग इन दिनों नगर निगम की लापरवाही से बेहद गुस्से में हैं। इलाके में न तो समय पर कूड़ा उठाया जा रहा है और न ही सीवर की समस्या दूर हो रही है। सड़कों पर सीवर का गंदा पानी बह रहा है, जिससे स्थानीय निवासियों का जीना मुहाल हो गया है और लोग बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं।
विवेकानंदपुरी वार्ड-94 के लोगों का कहना है कि डोर-टु-डोर कूड़ा कलेक्शन में भारी लापरवाही बरती जा रही है, जिसकी वजह से जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे हुए हैं। गंदगी और दूषित पानी के कारण इलाके में स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं बढ़ गई हैं। यह समस्या केवल एक वार्ड तक सीमित नहीं है। एक हालिया सर्वे में सामने आया कि लखनऊ शहर में करीब 1,300 से ज्यादा ऐसी जगहें हैं जहाँ तूफानी पानी की नालियाँ सीवर लाइनों से जुड़ी हैं, जिससे शहर के लगभग हर नगर निगम क्षेत्र में जलभराव और ओवरफ्लो की दिक्कत बनी रहती है।
नगर निगम प्रशासन ने इस समस्या से निपटने के लिए कुछ कदम उठाए हैं। लखनऊ नगर निगम (LMC) ने 6 जनवरी 2026 को पूरे शहर में सीवर लाइन निरीक्षण अभियान शुरू किया था ताकि लीकेज और रुकावटों को ठीक किया जा सके। इसके अलावा, कचरा प्रबंधन को बेहतर बनाने के लिए 1 अप्रैल 2026 को 250 इलेक्ट्रिक और सीएनजी वाहनों की शुरुआत भी की गई थी।
शहर के विकास के लिए नगर निगम ने 16 अप्रैल 2025 को 4,304 करोड़ रुपये का बजट भी पास किया था। वर्तमान में लखनऊ के नगर आयुक्त IAS गौरव कुमार और महापौर श्रीमती सुषमा खर्कवाल हैं। सीवर की सफाई के लिए नगर निगम ने सुएज़ इंडिया प्राइवेट लिमिटेड एजेंसी को नियुक्त किया है, जिसने शहर के सीवर सिस्टम का सर्वे भी किया था।