Lucknow में सरकारी सड़क पर अंसल कंपनी और भूमाफिया का कब्जा, तीन दर्जन गांवों के लोगों ने किया बड़ा प्रदर्शन

Lucknow: लखनऊ के सुशांत गोल्फ सिटी इलाके में सरकारी चक मार्ग और PWD रोड पर अवैध कब्जे को लेकर बवाल मच गया है। करीब तीन दर्जन गांवों के हजारों ग्रामीणों ने आज 30 जून 2026 को सड़क पर उतरकर बड़ा जन आंदोलन किया। लोगों का आरो

Lucknow: लखनऊ के सुशांत गोल्फ सिटी इलाके में सरकारी चक मार्ग और PWD रोड पर अवैध कब्जे को लेकर बवाल मच गया है। करीब तीन दर्जन गांवों के हजारों ग्रामीणों ने आज 30 जून 2026 को सड़क पर उतरकर बड़ा जन आंदोलन किया। लोगों का आरोप है कि Ansal कंपनी और स्थानीय भूमाफियाओं ने मिलकर उनके आने-जाने के मुख्य रास्ते को बंद कर दिया है।

यह विवाद सेवई बरोना-निजामपुर माजिंगवा रेलवे क्रॉसिंग से हसनपुर खेवली तक जाने वाली सड़क का है, जो सुल्तानपुर रोड से जुड़ती है। ग्रामीणों का कहना है कि यह रास्ता सरकारी रिकॉर्ड में चक मार्ग और PWD रूट के तौर पर दर्ज है, लेकिन इस पर अवैध कब्जा कर लिया गया है। रास्ता बंद होने की वजह से अब महिलाओं और स्कूली बच्चों को खतरनाक और कच्चे रास्तों से होकर जाना पड़ रहा है, जिससे आए दिन हादसे हो रहे हैं।

ग्रामीणों ने बताया कि लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) और राजस्व विभाग की एक संयुक्त टीम ने इस मामले की जांच की थी। टीम में कानूनगो प्रेम प्रकाश पांडेय और लेखपाल ओम प्रकाश गड़, विनय शुक्ला, अनुपम वाजपेयी और सहरण सिंह शामिल थे। जांच के बाद रिपोर्ट सरोजिनगर तहसील के अधिकारियों को भेजी गई, लेकिन आरोप है कि अधिकारियों ने फाइल दबा दी और अब तक कोई कार्रवाई नहीं की। इसी प्रशासनिक अनदेखी की वजह से भूमाफियाओं के हौसले बुलंद हैं।

दूसरी तरफ, Ansal Properties and Infrastructure Limited पहले से ही कई विवादों में घिरी हुई है। CBI ने 8 अप्रैल 2026 को लखनऊ में अंसल लैंड स्कैम की जांच शुरू की है और LDA से कई जरूरी दस्तावेज मांगे हैं। इसमें सरकारी जमीन बेचने और गिरवी जमीन के सौदों जैसे गंभीर आरोप शामिल हैं। इसके अलावा, RERA में कंपनी के खिलाफ 2268 शिकायतें दर्ज हैं और करीब 235 करोड़ रुपये का भुगतान बाकी है, जिसमें से अब तक केवल 118 करोड़ रुपये ही लौटाए गए हैं।

इस पूरे मामले में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पहले ही अंसल ग्रुप के खिलाफ सख्त कार्रवाई और FIR दर्ज करने के निर्देश दिए थे। LDA ने जनवरी 2025 में करीब 35 बीघा जमीन पर अवैध प्लॉटिंग हटाई थी और अप्रैल 2024 में कई कमर्शियल इमारतों को सील किया था। फिलहाल, सड़क बंद होने से नाराज ग्रामीण प्रशासन से जल्द से जल्द रास्ता खुलवाने की मांग कर रहे हैं।