UP: लखनऊ के नरही इलाके में स्थित विद्या मंदिर गर्ल्स हाई स्कूल की छात्राओं और शिक्षकों का विरोध रंग लाया है। जिला प्रशासन ने सोमवार, 8 जून 2026 को स्कूल को खाली कराने का अपना पुराना आदेश वापस ले लिया है। इस फैसले के बाद
UP: लखनऊ के नरही इलाके में स्थित विद्या मंदिर गर्ल्स हाई स्कूल की छात्राओं और शिक्षकों का विरोध रंग लाया है। जिला प्रशासन ने सोमवार, 8 जून 2026 को स्कूल को खाली कराने का अपना पुराना आदेश वापस ले लिया है। इस फैसले के बाद अब स्कूल की करीब 250 छात्राओं की पढ़ाई बाधित नहीं होगी और वे नए सत्र से अपने पुराने स्कूल में ही शिक्षा जारी रख सकेंगी।
स्कूल खाली कराने का मामला क्या था
यह पूरा विवाद 21 अप्रैल 2026 को शुरू हुआ जब अपर जिलाधिकारी (पूर्वी) ने स्कूल को खाली करने का आदेश दिया था। इसी आदेश के तहत 4 जून को पुलिस की मौजूदगी में स्कूल का फर्नीचर और जरूरी कागजात हटा दिए गए थे। स्कूल प्रबंधन का कहना है कि यह जमीन 100 साल पहले शिक्षा के लिए दान की गई थी, लेकिन कुछ लोग फर्जी कागजों के दम पर इस पर कब्जा करना चाहते हैं। प्रबंधक संतोष रस्तोगी ने आरोप लगाया कि उन्हें बिना किसी नोटिस के स्कूल खाली करने को कहा गया था।
विरोध प्रदर्शन और प्रशासन का फैसला
स्कूल खाली होने की खबर के बाद 6 जून को छात्राओं, अभिभावकों और शिक्षकों ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। इस मामले में सपा विधायक रविदास मेहरोत्रा और शिक्षक संघ के नेताओं ने भी हस्तक्षेप किया और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मदद मांगी। छात्राओं ने भावुक अपील की थी कि स्कूल को बचाया जाए क्योंकि यहाँ आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की लड़कियां पढ़ती हैं। भारी दबाव और मीडिया के ध्यान के बाद प्रशासन ने सोमवार को अपना फैसला बदल दिया।
आगे की कानूनी प्रक्रिया और स्थिति
प्रशासन ने आदेश वापस ले लिया है, लेकिन यह मामला अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। स्कूल प्रबंधक ने एडीएम के पुराने आदेश को सिविल कोर्ट में चुनौती दी है, जिसकी सुनवाई 2 जुलाई 2026 को होनी है। फिलहाल, प्रशासन ने साफ कर दिया है कि अब स्कूल खाली नहीं कराया जाएगा और छात्राएं यहीं अपनी पढ़ाई पूरी करेंगी।
Frequently Asked Questions (FAQs)
विद्या मंदिर गर्ल्स हाई स्कूल को खाली कराने का आदेश कब वापस लिया गया
लखनऊ जिला प्रशासन ने 8 जून 2026, सोमवार को स्कूल खाली कराने का आदेश आधिकारिक तौर पर वापस ले लिया है।
स्कूल प्रबंधन ने जमीन को लेकर क्या आरोप लगाया है
प्रबंधक संतोष रस्तोगी के अनुसार, स्कूल की जमीन 100 साल पहले शिक्षा के लिए दान दी गई थी और कुछ लोग फर्जी रजिस्ट्री के जरिए इस पर कब्जा करने की कोशिश कर रहे हैं।