UP : लखनऊ के अन्तर्राष्ट्रीय बौद्ध एवं शोध संस्थान में शुक्रवार, 22 मई 2026 को ‘विधिवाणी टैक्स सेमिनार’ का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्घाटन उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने किया। जिला कर अध
UP : लखनऊ के अन्तर्राष्ट्रीय बौद्ध एवं शोध संस्थान में शुक्रवार, 22 मई 2026 को ‘विधिवाणी टैक्स सेमिनार’ का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्घाटन उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने किया। जिला कर अधिवक्ता संगठन कौशाम्बी द्वारा आयोजित इस सेमिनार में विशेषज्ञों ने जीएसटी और नए आयकर कानूनों के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
नए आयकर कानून 2025 में क्या बदलाव हुए हैं?
देश में 1 अप्रैल 2026 से नया आयकर अधिनियम 2025 और नियम 2026 लागू हो रहे हैं, जो 1961 के पुराने कानून की जगह लेंगे। इसका मुख्य उद्देश्य टैक्स सिस्टम को आसान बनाना और जटिल धाराओं को कम करना है। अब डिजिटल तरीके से ITR फाइल करना और भी सरल हो जाएगा।
आम आदमी और टैक्सपेयर्स को क्या फायदा मिलेगा?
नए नियमों के आने से करदाताओं को बड़ी राहत मिल सकती है। विशेषज्ञों के अनुसार, ₹12 लाख तक की सालाना कमाई पर टैक्स शून्य हो सकता है। वहीं, नौकरीपेशा लोगों को स्टैंडर्ड डिडक्शन और धारा 87ए के साथ लगभग ₹12.75 लाख तक की टैक्स छूट मिल सकती है।
| विषय |
मुख्य बदलाव/लाभ |
| टैक्स छूट |
₹12 लाख तक आय पर शून्य टैक्स संभव |
| ITR रिफंड |
देरी से रिटर्न भरने पर भी TDS रिफंड मिलेगा |
| प्रक्रिया |
फेसलेस असेसमेंट से पारदर्शिता बढ़ेगी |
| धाराएं |
जटिल धाराओं की संख्या घटाकर लगभग 333 की जाएगी |
| TDS/TCS |
कटौती और संग्रह के नियमों में सुधार |
Frequently Asked Questions (FAQs)
नया आयकर अधिनियम कब से लागू हो रहा है?
नया आयकर अधिनियम 2025 और नियम 2026 भारत में 1 अप्रैल 2026 से लागू हो रहे हैं, जो पुराने 1961 के कानून का स्थान लेंगे।
नए टैक्स नियमों में रिफंड को लेकर क्या खास बात है?
नए कानून में एक बड़ा बदलाव यह किया गया है कि अब अगर कोई व्यक्ति अपना आयकर रिटर्न (ITR) देरी से भी भरता है, तो भी उसे TDS रिफंड मिल सकेगा।