Lucknow में बारिश से महंगी हुईं सब्जियां, रसोई बजट बिगड़ा; व्यापारियों ने सरकार से मांगी मदद
Lucknow: लखनऊ में लगातार हो रही बारिश ने आम आदमी की जेब पर भारी मार मारी है। शहर की मंडियों में सब्जियों के दाम अचानक बढ़ गए हैं, जिससे गृहणियों और टिफिन चलाने वालों का बजट गड़बड़ा गया है। सीतापुर रोड स्थित नवीन मंडी और
Lucknow: लखनऊ में लगातार हो रही बारिश ने आम आदमी की जेब पर भारी मार मारी है। शहर की मंडियों में सब्जियों के दाम अचानक बढ़ गए हैं, जिससे गृहणियों और टिफिन चलाने वालों का बजट गड़बड़ा गया है। सीतापुर रोड स्थित नवीन मंडी और दुबग्गा मंडी में प्याज, अदरक, मिर्च और हरी सब्जियों की कीमतों में भारी उछाल देखा जा रहा है।
व्यापारियों का कहना है कि महाराष्ट्र, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश जैसे दक्षिणी राज्यों में भारी बारिश की वजह से फसलें बर्बाद हो गई हैं। इस वजह से सब्जियों की सप्लाई चेन टूट गई है। दुबग्गा मंडी के कोषाध्यक्ष अरसलान सिद्दीकी ने बताया कि पहले जहां 400 ट्रक सब्जियां आते थे, अब केवल 150 ट्रक ही पहुंच पा रहे हैं। नवीन गल्ला मंडी के थोक विक्रेता टिंकू सोनकर के मुताबिक, बेंगलुरु और आंध्र प्रदेश से एक ट्रक सब्जी के लिए 15 लाख रुपये तक चुकाने पड़ रहे हैं, जिससे कीमतें बढ़ रही हैं।
बाजार में पिछले महीने के मुकाबले कुछ सब्जियों के दाम दोगुने या तिगुने हो गए हैं। हरी मिर्च की कीमतें 70-75 रुपये प्रति किलो के थोक भाव पर हैं, जबकि स्थानीय प्याज करीब 55 रुपये प्रति किलो बिक रहा है। 27 जुलाई तक आलू 25 रुपये और टमाटर 40 रुपये प्रति किलो पर स्थिर थे, लेकिन अब इनमें 20 से 30 रुपये की बढ़ोतरी देखी गई है।
मौसम की बात करें तो IMD लखनऊ केंद्र ने 29 जुलाई से 1 अगस्त 2026 तक उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में रुक-रुक कर बारिश और गरज-चमक की संभावना जताई है। 29 जुलाई के लिए पूर्वी और पश्चिमी यूपी में भारी बारिश और वज्रपात का येलो अलर्ट जारी किया गया है। प्रशासन ने लोगों को खराब मौसम में पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने की सलाह दी है। लगातार बारिश से निचले इलाकों में जलभराव और यातायात प्रभावित होने की आशंका है।