Lucknow में वीरांगना सम्मेलन और लक्ष्मणपुरी फेस्टिवल का आयोजन, कई दिग्गज हस्तियां हुईं सम्मानित
Lucknow: राजधानी लखनऊ के गोमतीनगर स्थित अंतरराष्ट्रीय बौद्ध शोध संस्थान में गुरुवार, 18 जून 2026 को वीरांगना सम्मेलन और लक्ष्मणपुरी फेस्टिवल-2026 का आयोजन किया गया। यह पूरा कार्यक्रम ‘नारी शक्ति वंदन अभियान’
Lucknow: राजधानी लखनऊ के गोमतीनगर स्थित अंतरराष्ट्रीय बौद्ध शोध संस्थान में गुरुवार, 18 जून 2026 को वीरांगना सम्मेलन और लक्ष्मणपुरी फेस्टिवल-2026 का आयोजन किया गया। यह पूरा कार्यक्रम ‘नारी शक्ति वंदन अभियान’ को समर्पित था, जिसका मकसद महिलाओं के सशक्तिकरण और समाज में उनकी भूमिका को सबके सामने लाना था। इस आयोजन में संस्कृति विभाग के अंतरराष्ट्रीय बौद्ध शोध संस्थान, ‘बदलाव : एक कदम शिक्षा की ओर’ और ‘कला कारवां’ ने मिलकर काम किया।
कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल हुए। उनके साथ भारतेंदु नाट्य अकादमी के अध्यक्ष रतिशंकर त्रिपाठी, राज्य ललित कला अकादमी के अध्यक्ष सुनील विश्वकर्मा और केंद्रीय ललित कला अकादमी के सचिव देवेंद्र त्रिपाठी भी विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहे। महोत्सव के मुख्य संयोजक सोमनाथ कश्यप ने बताया कि कला और समाज सेवा में खास काम करने वाली 8 हस्तियों को सम्मानित किया गया।
| सम्मान का नाम | सम्मानित व्यक्ति |
|---|---|
| लक्ष्मणपुरी गौरव सम्मान | पद्मश्री डॉ. अनिल रस्तोगी, श्याम कुमार, यावर अली शाह और प्रवीण कुमार मित्तल |
| रानी लक्ष्मीबाई प्रेरणा सम्मान | पद्मश्री विद्या विंदु सिंह, रोमा बच्चानी, डॉ. अनीता मिश्रा और मनीषा मेहरा |
इस महोत्सव में कई सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी दी गईं। लखनऊ शहर की स्थापना से जुड़े लक्ष्मण जी के जीवन पर आधारित एक म्यूजिकल दास्तानगोई पेश की गई, जिसे अरशाना अजमत और आरजे प्रतीक ने सुनाया। इसके अलावा अमित दीक्षित ‘रामजी’ के निर्देशन में ‘कान्हा से द्वारिकाधीश’ नाटक का मंचन हुआ, जिसमें 50 से ज्यादा कलाकारों ने हिस्सा लिया। साथ ही, कथक गुरु डॉ. उपासना दीक्षित के निर्देशन में भगवान बुद्ध के शांति संदेश पर एक नृत्य नाटिका भी दिखाई गई।
बड़ों के साथ-साथ बच्चों के लिए भी यहां खास इंतजाम थे। दोपहर 2 बजे से 6 से 17 साल के बच्चों के लिए पेंटिंग और क्ले मॉडलिंग प्रतियोगिता कराई गई। राज्य ललित कला अकादमी के ट्रेनर्स ने बच्चों को सिखाया और अंत में सभी बच्चों को सर्टिफिकेट दिए गए।