Lucknow में वीर अब्दुल हमीद की 93वीं जयंती मनाई गई, वक्ताओं ने कहा- हम सबसे पहले हिंदुस्तानी हैं
Lucknow: राजधानी लखनऊ के अमीनाबाद इलाके में स्थित जनाना पार्क में बुधवार को परमवीर चक्र विजेता वीर अब्दुल हमीद की 93वीं जयंती मनाई गई। इस कार्यक्रम का आयोजन बाज्म-ए-खवातीन द्वारा किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में लोग जुटे
Lucknow: राजधानी लखनऊ के अमीनाबाद इलाके में स्थित जनाना पार्क में बुधवार को परमवीर चक्र विजेता वीर अब्दुल हमीद की 93वीं जयंती मनाई गई। इस कार्यक्रम का आयोजन बाज्म-ए-खवातीन द्वारा किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में लोग जुटे। कार्यक्रम के दौरान देशभक्ति और आपसी भाईचारे का संदेश दिया गया और वीर अब्दुल हमीद के बलिदान को याद किया गया।
कार्यक्रम में मौजूद वक्ताओं ने कहा कि इंसान की पहचान सबसे पहले उसके हिंदुस्तानी होने से होती है, उसके बाद वह हिंदू या मुस्लिम होता है। उन्होंने नई पीढ़ी से अपील की कि वे वीर अब्दुल हमीद के जीवन और उनके आदर्शों को अपनाएं। इस मौके पर पसमांदा मुस्लिम समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष और यूपी सरकार के पूर्व मंत्री अनीस मंसूरी ने उनके साहस की चर्चा की। उन्होंने बताया कि 1965 के भारत-पाक युद्ध में वीर अब्दुल हमीद ने जिस तरह पाकिस्तानी पैटन टैंकों को तबाह किया, वह काबिल-ए-तारीफ था।
जिला कांग्रेस कमेटी विधि विभाग के चेयरमैन सत्येन्द्र पाल सिंह बैस एडवोकेट ने जानकारी दी कि वीर अब्दुल हमीद ने पंजाब के खेमकरण सेक्टर में अपनी 106 एमएम रिकॉयलेस राइफल से अकेले ही दुश्मन के आठ पैटन टैंकों को नष्ट कर दिया था। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी उनकी जयंती पर उनके अद्वितीय शौर्य और अदम्य साहस को याद किया।
इस अवसर पर पसमांदा मुस्लिम समाज के कार्यालय में भी एक श्रद्धांजलि सभा हुई। कार्यक्रम में कारी शफीक आलम कादरी, अबू बक्र इदरीसी, डॉ. मरगूब कुरैशी, इमरान मिर्जा, मौलाना इलियास मंसूरी, राम प्रकाश मौर्य, शहरे आलम कुरैशी, मोहम्मद साहिल एडवोकेट, असलम अली एडवोकेट, इम्तियाज अहमद एडवोकेट, विवेक सोनी और मो. फैसल जैसे कई लोग शामिल हुए।