Lucknow में उर्दू IAS-PCS स्टडी सेंटर को खाली करने का नोटिस, 90 छात्रों के भविष्य पर संकट

Lucknow: राजधानी लखनऊ के पारा इलाके में स्थित उर्दू आईएएस-पीसीएस स्टडी सेंटर को भवन खाली करने का नोटिस मिला है। अल्पसंख्यक कल्याण विभाग ने इस भवन की लीज आगे बढ़ाने से मना कर दिया है, जिससे यहां पढ़ाई कर रहे करीब 90 छात्र

Lucknow: राजधानी लखनऊ के पारा इलाके में स्थित उर्दू आईएएस-पीसीएस स्टडी सेंटर को भवन खाली करने का नोटिस मिला है। अल्पसंख्यक कल्याण विभाग ने इस भवन की लीज आगे बढ़ाने से मना कर दिया है, जिससे यहां पढ़ाई कर रहे करीब 90 छात्रों के सामने बड़ी मुश्किल खड़ी हो गई है। इस फैसले के बाद अब प्रदेश की राजनीति में बहस शुरू हो गई है।

यह सेंटर उत्तर प्रदेश उर्दू अकादमी द्वारा चलाया जाता है और इसे 10 साल के लिए मुफ्त लीज पर दिया गया था। नियम के मुताबिक इसमें पांच साल और बढ़ाने का प्रावधान था, लेकिन विभाग ने अब इसे आगे न बढ़ाने का फैसला लिया है। इस सेंटर की शुरुआत साल 2015-16 में अल्पसंख्यक वर्ग के छात्रों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी और रहने की सुविधा देने के लिए की गई थी। योगी सरकार के आने के बाद इस केंद्र को मिलने वाला सालाना अनुदान 2 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 2.5 करोड़ रुपये कर दिया गया था।

उर्दू अकादमी के सचिव शौकत अली ने अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के प्रमुख सचिव संयुक्ता समददार से मुलाकात की है। उन्होंने अनुरोध किया है कि छात्रों के भविष्य और करोड़ों रुपये के संसाधनों को देखते हुए लीज को अगले पांच साल के लिए बढ़ा दिया जाए। वर्तमान में केंद्र के निदेशक डॉ. उन्मेश मिश्र हैं, जो केंद्र सरकार के सेवानिवृत्त अधिकारी हैं।

इस पूरे मामले पर राजनीतिक घमासान भी तेज हो गया है। AIMIM ने इस नोटिस की कड़ी निंदा की है और बीजेपी सरकार पर निशाना साधा है। साथ ही पार्टी ने राज्यसभा सांसद जावेद अली खान के बयान पर भी अपनी असहमति जताई है। उर्दू अकादमी अब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तक यह बात पहुंचाने की कोशिश कर रही है ताकि छात्रों की पढ़ाई में कोई रुकावट न आए और उन्हें समय पर राहत मिल सके।