Lucknow में यूपी टीईटी 2026 परीक्षा के लिए सख्त सुरक्षा, 96 हजार से अधिक अभ्यर्थी होंगे शामिल
Lucknow: उत्तर प्रदेश में यूपीटीईटी-2026 की परीक्षा को लेकर प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। लखनऊ पुलिस कमिश्नरेट ने परीक्षा को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष तरीके से कराने के लिए सुरक्षा और ट्रैफिक का पूरा प्लान तैयार कर लिया
Lucknow: उत्तर प्रदेश में यूपीटीईटी-2026 की परीक्षा को लेकर प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। लखनऊ पुलिस कमिश्नरेट ने परीक्षा को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष तरीके से कराने के लिए सुरक्षा और ट्रैफिक का पूरा प्लान तैयार कर लिया है। 2, 3 और 4 जुलाई 2026 को होने वाली इस परीक्षा में लखनऊ के 46 केंद्रों पर कुल 96,454 अभ्यर्थी शामिल होंगे।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि परीक्षा पूरी तरह पारदर्शी और विश्वसनीय होनी चाहिए। उन्होंने अभ्यर्थियों के लिए तनावमुक्त माहौल और बेहतर आवागमन की सुविधा सुनिश्चित करने को कहा है। साथ ही, सेवारत शिक्षकों के लिए अलग से विशेष पात्रता परीक्षा कराने के निर्देश भी दिए गए हैं। बेसिक शिक्षा विभाग के जो शिक्षक इस परीक्षा में बैठेंगे, उन्हें परीक्षा के दिन विशेष अवकाश दिया जाएगा।
सुरक्षा व्यवस्था को लेकर लखनऊ पुलिस ने कड़े इंतजाम किए हैं। हर केंद्र पर एक उपनिरीक्षक, दो मुख्य आरक्षी और दो महिला आरक्षी तैनात रहेंगे। कुल 332 पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है। परीक्षा केंद्रों के 200 मीटर के दायरे में साइबर कैफे और फोटोकॉपी की दुकानें बंद रहेंगी और लाउडस्पीकर के इस्तेमाल पर पूरी तरह रोक रहेगी।
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| परीक्षा की तारीखें | 2, 3 और 4 जुलाई 2026 |
| लखनऊ में अभ्यर्थी | 96,454 (46 केंद्रों पर) |
| कुल अभ्यर्थी (UP) | लगभग 19.95 लाख (955 केंद्रों पर) |
| प्रतिबंधित सामान | मोबाइल, स्मार्टवॉच, आईटी गैजेट्स |
| सुरक्षा तकनीक | AI CCTV, बायोमेट्रिक सत्यापन, डिजिटल लॉक |
| सत्यापन प्रक्रिया | आइरिस स्कैन और लाइव फोटो कैप्चर |
उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग (UPESSC) ने पेपर लीक रोकने के लिए मल्टी-लेयर सुरक्षा अपनाई है। प्रश्नपत्रों के बॉक्स कलर-कोडेड होंगे और उनमें वन-टाइम डिजिटल लॉक लगा होगा, जिन्हें परीक्षा शुरू होने से 45 मिनट पहले खोला जाएगा। परीक्षार्थियों का बायोमेट्रिक सत्यापन होगा और कक्ष निरीक्षकों से नो रिलेशन सर्टिफिकेट लिया जाएगा। नकल करने वालों के खिलाफ सार्वजनिक परीक्षा अधिनियम-2024 के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी। अभ्यर्थियों की सुविधा के लिए रेलवे स्टेशन और बस अड्डों पर हेल्प डेस्क, पेयजल और अतिरिक्त बसों का इंतजाम किया गया है।