UP : उत्तर प्रदेश पुलिस उपनिरीक्षक (SI) भर्ती-2025 के परिणामों के बाद सोशल मीडिया पर विवाद शुरू हो गया है। लखनऊ के एक युवक ने फेसबुक पर वीडियो डालकर भर्ती प्रक्रिया में गड़बड़ी और पैसे लेकर नौकरी दिलाने के दावे किए थे। इ
UP : उत्तर प्रदेश पुलिस उपनिरीक्षक (SI) भर्ती-2025 के परिणामों के बाद सोशल मीडिया पर विवाद शुरू हो गया है। लखनऊ के एक युवक ने फेसबुक पर वीडियो डालकर भर्ती प्रक्रिया में गड़बड़ी और पैसे लेकर नौकरी दिलाने के दावे किए थे। इस मामले में पुलिस ने सख्त कार्रवाई करते हुए युवक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।
आशुतोष पांडेय के खिलाफ क्यों हुई कार्रवाई?
लखनऊ के हुसैनगंज पुलिस स्टेशन में फेसबुक यूजर आशुतोष पांडेय के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। आरोप है कि उन्होंने SI भर्ती के लिखित परीक्षा परिणामों में धांधली का दावा करते हुए एक भ्रामक वीडियो वायरल किया था। पुलिस ने यह मुकदमा भारतीय न्याय संहिता की धारा 221, 292, 353(1)(बी) और आईटी एक्ट की धारा 66-डी के तहत दर्ज किया है।
भर्ती बोर्ड ने क्या कहा और क्या है चेतावनी?
उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड (UPPRPB) ने साफ किया है कि सोशल मीडिया पर चल रहे धांधली के दावे पूरी तरह गलत और भ्रामक हैं। बोर्ड ने कहा कि पूरी भर्ती प्रक्रिया पारदर्शी है और तय नियमों के हिसाब से चल रही है। अधिकारियों ने उम्मीदवारों को सलाह दी है कि वे केवल आधिकारिक वेबसाइट की जानकारी पर भरोसा करें। फर्जी खबरें फैलाने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
SI भर्ती-2025 से जुड़ी जरूरी जानकारी
इस भर्ती के लिए कुल 4,543 पदों पर 15,75,760 उम्मीदवारों ने आवेदन किया था। 14 और 15 मार्च 2026 को लिखित परीक्षा हुई थी, जिसका परिणाम 7 मई 2026 को जारी किया गया। परिणामों के आधार पर 12,333 उम्मीदवारों को दस्तावेज़ सत्यापन और शारीरिक मानक परीक्षण (DV/PST) के लिए चुना गया है। इससे पहले ‘SI राधा पासवान’ नाम के एक हैंडल से भी भ्रामक पोस्ट डालने पर FIR दर्ज कराई गई थी।
Frequently Asked Questions (FAQs)
SI भर्ती-2025 के लिखित परीक्षा का परिणाम कब आया था?
उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड ने 7 मई 2026 को लिखित परीक्षा का परिणाम घोषित किया था, जिसमें 12,333 उम्मीदवारों को अगले चरण के लिए शॉर्टलिस्ट किया गया।
भर्ती बोर्ड ने फर्जी खबरों से बचने के लिए क्या सलाह दी है?
बोर्ड ने उम्मीदवारों को किसी भी अपुष्ट संदेश पर विश्वास न करने और केवल UPPRPB की आधिकारिक वेबसाइट पर दी गई जानकारी को ही सही मानने का निर्देश दिया है।