Lucknow में आम महोत्सव की धूम, 50 ग्राम का अंगूरदाना और 5 किलो का गजानन आम बना आकर्षण का केंद्र
Lucknow: राजधानी के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में उत्तर प्रदेश आम महोत्सव-2026 की शुरुआत हो गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 3 जुलाई को इस तीन दिवसीय आयोजन का उद्घाटन किया। इस महोत्सव में आम की ऐसी अनोखी किस्में आई हैं
Lucknow: राजधानी के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में उत्तर प्रदेश आम महोत्सव-2026 की शुरुआत हो गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 3 जुलाई को इस तीन दिवसीय आयोजन का उद्घाटन किया। इस महोत्सव में आम की ऐसी अनोखी किस्में आई हैं जिन्हें देखकर लोग हैरान हैं, खासकर मलिहाबाद के किसान उपेंद्र कुमार सिंह के स्टॉल पर मौजूद छोटे और बड़े आम चर्चा का विषय बने हुए हैं।
महोत्सव में सबसे ज्यादा ध्यान 50 ग्राम के ‘अंगूरदाना’ और 5 किलो वजन वाले ‘गजानन’ आम ने खींचा है। इसके अलावा ‘कृष्ण’ और ‘लाल सुंदरी’ नाम की नई किस्मों को लेकर भी लोगों में काफी उत्सुकता दिखी। इस आयोजन में 7 श्रेणियों और 56 वर्गों के तहत 800 से ज्यादा आम की किस्में प्रदर्शित की गई हैं। यहाँ आने वाले लोग आम के पौधे भी खरीद सकते हैं और विभाग ने सभी से कम से कम एक पौधा लगाने की अपील की है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस मौके पर यूपी के आमों को दुनिया भर में मशहूर बनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि ब्रांडिंग, जैविक प्रमाणीकरण और बेहतर पैकेजिंग के जरिए यूपी के आमों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाया जाएगा। उन्होंने बागवानी को केवल खेती नहीं बल्कि पर्यटन और खाद्य उद्योग से जोड़कर कमाई का एक बड़ा जरिया बनाने की बात कही। साथ ही, उन्होंने ड्रोन और AI जैसी नई तकनीक के इस्तेमाल और कोल्ड चेन इंफ्रास्ट्रक्चर को बेहतर करने के निर्देश दिए।
उद्यान विभाग अब ज्यादा से ज्यादा किस्मों के लिए GI टैग दिलाने की प्रक्रिया में जुटा है। किसानों को रसायनों से मुक्त जैविक खेती के लिए ट्रेनिंग दी जा रही है। राज्य मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने बताया कि आमों की क्वालिटी सुधारने के लिए इस साल किसानों को करीब 1.5 करोड़ फल बैग दिए गए हैं। पुराने बागों के रख-रखाव के लिए सरकार 40% सब्सिडी भी दे रही है।
उत्तर प्रदेश देश के कुल आम उत्पादन में करीब 26% का योगदान देता है, जो इसे देश का सबसे बड़ा आम उत्पादक राज्य बनाता है। इस महोत्सव में यूपी के अलावा मध्य प्रदेश, उत्तराखंड, छत्तीसगढ़, राजस्थान, गुजरात और महाराष्ट्र के किसान और विशेषज्ञ भी शामिल हुए हैं। 4 जुलाई को जन भवन में एक ‘क्रेता-विक्रेता सम्मेलन’ भी आयोजित किया जाएगा, जिसमें खरीदार और कंपनियां सीधे किसानों से जुड़ सकेंगी।