Lucknow University में 56 दिनों के धरने के बाद मिला फल, 3 छात्रों का निष्कासन वापस लिया

Lucknow: लखनऊ विश्वविद्यालय ने एक लंबे संघर्ष के बाद तीन छात्रों के निष्कासन के फैसले को वापस ले लिया है। छात्र अपनी मांगों को लेकर पिछले 56 दिनों से धरने पर बैठे थे, जिसके बाद आखिरकार प्रशासन को झुकना पड़ा। यह फैसला 11

Lucknow: लखनऊ विश्वविद्यालय ने एक लंबे संघर्ष के बाद तीन छात्रों के निष्कासन के फैसले को वापस ले लिया है। छात्र अपनी मांगों को लेकर पिछले 56 दिनों से धरने पर बैठे थे, जिसके बाद आखिरकार प्रशासन को झुकना पड़ा। यह फैसला 11 अगस्त, 2026 को आधिकारिक तौर पर घोषित किया गया।

यह पूरा मामला 2 जून, 2026 को शुरू हुए धरने से जुड़ा है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने प्रॉक्टोरियल बोर्ड, प्रॉक्टर और डीन स्टूडेंट वेलफेयर (DSW) की सिफारिशों और जांच समिति की रिपोर्ट के बाद कुलपति के निर्देश पर यह कदम उठाया। प्रशासन का कहना है कि छात्रों के करियर और उनके भविष्य को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है।

निष्कासन वापस लेने के लिए विश्वविद्यालय ने कुछ शर्तें रखी हैं। अब छात्रों को 100 रुपये के गैर-न्यायिक स्टाम्प पेपर पर एक हलफनामा देना होगा। इसमें उन्हें यह वचन देना होगा कि वे भविष्य में विश्वविद्यालय के सभी नियमों और अध्यादेशों का पूरी तरह पालन करेंगे।

जिन छात्रों को राहत मिली है, उनमें प्रेम प्रकाश यादव (एमए हिंदी), शशि प्रकाश उर्फ प्रिंस प्रकाश (एमए लोक प्रशासन प्रथम वर्ष) और हर्षित शुक्ला (एलएलबी तृतीय वर्ष) शामिल हैं। इस फैसले के बाद कैंपस में छात्रों के बीच खुशी का माहौल है।