UP : लखनऊ विश्वविद्यालय की कार्य परिषद ने एक साथ 169 शिक्षकों की पदोन्नति को मंजूरी दी है. यह विश्वविद्यालय के इतिहास में सबसे बड़ी संख्या में हुए प्रमोशन का एक नया रिकॉर्ड है. 5 जून, 2026 को लिए गए इस फैसले से कैंपस के
UP : लखनऊ विश्वविद्यालय की कार्य परिषद ने एक साथ 169 शिक्षकों की पदोन्नति को मंजूरी दी है. यह विश्वविद्यालय के इतिहास में सबसे बड़ी संख्या में हुए प्रमोशन का एक नया रिकॉर्ड है. 5 जून, 2026 को लिए गए इस फैसले से कैंपस के शिक्षकों में खुशी का माहौल है. प्रशासन ने इसे पढ़ाई की क्वालिटी सुधारने और शिक्षकों के कल्याण के लिए बड़ा कदम बताया है.
किसे कितने पदों पर मिला प्रमोशन
विश्वविद्यालय ने अलग-अलग श्रेणियों में शिक्षकों को प्रमोट किया है. इसमें सबसे ज्यादा संख्या वरिष्ठ प्रोफेसरों की है. पूरी लिस्ट इस प्रकार है:
- 56 शिक्षक वरिष्ठ प्रोफेसर (सीनियर प्रोफेसर) बने
- 54 शिक्षकों को प्रोफेसर का पद मिला
- 15 शिक्षक एसोसिएट प्रोफेसर बने
- 44 शिक्षकों को असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर प्रमोट किया गया
प्रमोशन के लिए क्या थी शर्तें और प्रक्रिया
कुलपति प्रो. जे.पी. सैनी ने जनवरी 2026 में ही शिक्षकों को समर्थ पोर्टल के जरिए स्व-मूल्यांकन पत्र जमा करने के निर्देश दिए थे. यह पूरी प्रक्रिया यूजीसी विनियम 2018 के नियमों के हिसाब से पूरी की गई है. इसके अलावा, फरवरी 2026 से एक नया नियम लागू हुआ है जिसके तहत प्रमोशन से पहले सतर्कता अधिकारी (Vigilance Officer) की ‘ओके’ रिपोर्ट होना जरूरी है. अगर किसी शिक्षक की जांच लंबित है या कोई कार्रवाई चल रही है, तो उनका प्रमोशन नहीं किया गया है.
Frequently Asked Questions (FAQs)
लखनऊ विश्वविद्यालय में कुल कितने शिक्षकों का प्रमोशन हुआ है
कार्य परिषद ने कुल 169 शिक्षकों की पदोन्नति को मंजूरी दी है, जिसमें 56 सीनियर प्रोफेसर, 54 प्रोफेसर, 15 एसोसिएट प्रोफेसर और 44 असिस्टेंट प्रोफेसर शामिल हैं.
प्रमोशन के लिए कौन सा पोर्टल और नियम इस्तेमाल किया गया
पदोन्नति की ऑनलाइन प्रक्रिया समर्थ पोर्टल के माध्यम से पूरी हुई और यह यूजीसी विनियम 2018 के प्रावधानों के अनुरूप की गई है.