UP : लखनऊ यूनिवर्सिटी में तीन छात्रों को कॉलेज से निकालने के बाद कैंपस में माहौल गरमा गया है। इसके विरोध में बड़ी संख्या में छात्र गेट नंबर 1 के पास धरने पर बैठ गए हैं। यह विरोध प्रदर्शन 2 जून 2026 से शुरू हुआ है और छात्
UP : लखनऊ यूनिवर्सिटी में तीन छात्रों को कॉलेज से निकालने के बाद कैंपस में माहौल गरमा गया है। इसके विरोध में बड़ी संख्या में छात्र गेट नंबर 1 के पास धरने पर बैठ गए हैं। यह विरोध प्रदर्शन 2 जून 2026 से शुरू हुआ है और छात्र अपनी मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन धरने पर डटे हुए हैं।
किन छात्रों को निकाला गया और क्यों हुई कार्रवाई
यूनिवर्सिटी प्रशासन ने एमए हिंदी प्रथम वर्ष के प्रेम प्रकाश यादव, एमए पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन प्रथम वर्ष के शशि प्रकाश और एलएलबी थ्री ईयर कोर्स दूसरे सेमेस्टर के हर्षित शुक्ला को निष्कासित कर दिया है। प्रॉक्टोरियल बोर्ड की जांच में इन छात्रों को अनुशासनहीनता का दोषी पाया गया था। आरोप है कि 28 अप्रैल को इन छात्रों ने कुलपति कार्यालय में हंगामा किया, जबरन अंदर घुसने की कोशिश की, सड़क जाम की और एक महिला कर्मचारी के साथ अभद्र व्यवहार किया।
छात्रों की मुख्य मांगें क्या हैं
धरने पर बैठे छात्र और छात्र नेता मांग कर रहे हैं कि निष्कासित छात्रों का फैसला तुरंत वापस लिया जाए। उनका कहना है कि छात्र कल्याण से जुड़े मुद्दे उठाने वाले किसी भी छात्र पर निलंबन या आर्थिक दंड जैसी कार्रवाई नहीं होनी चाहिए। इसके अलावा, प्रदर्शनकारी छात्रों ने हाल ही में बढ़ाई गई फीस को वापस लेने और अन्य समस्याओं को हल करने की मांग भी उठाई है।
प्रशासन का क्या कहना है
यूनिवर्सिटी प्रशासन का कहना है कि कैंपस की सुरक्षा और अनुशासन बनाए रखने के लिए यह सख्त कदम उठाना जरूरी था। निष्कासित छात्रों को अब यूनिवर्सिटी के किसी भी कोर्स में एडमिशन नहीं मिलेगा और कैंपस में उनके प्रवेश पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
लखनऊ यूनिवर्सिटी के किन छात्रों को निष्कासित किया गया है
प्रशासन ने प्रेम प्रकाश यादव (MA हिंदी), शशि प्रकाश (MA पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन) और हर्षित Shukla (LLB) को अनुशासनहीनता के आरोप में निष्कासित किया है।
छात्रों के निष्कासन का मुख्य कारण क्या था
28 अप्रैल को कुलपति कार्यालय में हंगामा करने, जबरन प्रवेश की कोशिश, वाहन को नुकसान पहुँचाने और महिला कर्मचारी के साथ बदसलूकी के कारण यह कार्रवाई की गई।