UP: Lucknow University में फीस वृद्धि और छात्रों के निष्कासन को लेकर विवाद गहरा गया है। शुक्रवार, 13 जून 2026 को भी छात्रों का अनिश्चितकालीन धरना जारी रहा। प्रशासन ने इस बीच एक और छात्र को यूनिवर्सिटी से बाहर कर दिया है,
UP: Lucknow University में फीस वृद्धि और छात्रों के निष्कासन को लेकर विवाद गहरा गया है। शुक्रवार, 13 जून 2026 को भी छात्रों का अनिश्चितकालीन धरना जारी रहा। प्रशासन ने इस बीच एक और छात्र को यूनिवर्सिटी से बाहर कर दिया है, जिससे माहौल और तनावपूर्ण हो गया है। अब इस मुद्दे पर राजनीतिक दलों ने भी मोर्चा खोल दिया है।
छात्रों के निष्कासन और प्रशासन की कार्रवाई क्या है?
विश्वविद्यालय प्रशासन ने बीए-एलएलबी दूसरे वर्ष के छात्र Satyam Yadav को अनुशासनहीनता के आरोप में तत्काल प्रभाव से निष्कासित कर दिया है। कुलसचिव Dr. Bhavna Mishra ने आदेश जारी कर कहा कि सत्यम को अब यूनिवर्सिटी या किसी संबद्ध कॉलेज में प्रवेश नहीं मिलेगा। उन पर 21 मई को छात्रावास में अनधिकृत प्रवेश, प्रशासनिक काम में बाधा डालने और सोशल मीडिया पर भ्रामक जानकारी फैलाने के आरोप हैं। इसके अलावा, 12 जून को प्रशासन ने निष्कासित छात्रों के परीक्षा प्रवेश पत्र (Admit Card) भी रद्द कर दिए हैं।
राजनीतिक दलों ने कैसे जताया विरोध?
इस मामले में समाजवादी पार्टी और कांग्रेस दोनों सक्रिय नजर आ रही हैं। सपा नेता राज्यपाल कश्यप ने धरने पर बैठे छात्रों से मुलाकात की और निष्कासन वापस लेने की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर छात्रों की बहाली नहीं हुई तो महाआंदोलन होगा और इस मुद्दे को विधानसभा में उठाया जाएगा। वहीं, कांग्रेस सांसद Tanuj Punia भी धरने में शामिल हुए। कांग्रेस के एक प्रतिनिधिमंडल ने कुलसचिव से मुलाकात कर फीस वृद्धि पर पुनर्विचार करने और अनुशासनात्मक कार्रवाई वापस लेने की अपील की है।
विरोध प्रदर्शन में शामिल अन्य नेता और मांगें
छात्रों की मांगों को समर्थन देने के लिए नेता प्रतिपक्ष Mata Prasad Pandey और पूर्व मंत्री Arvind Singh Gop भी धरने पर पहुंचे। उन्होंने प्रशासन पर आरोप लगाया कि धरना स्थल पर पानी और बिजली की सप्लाई बंद कर दी गई है। प्रदर्शनकारी छात्र मुख्य रूप से निष्कासित छात्रों की बहाली और बढ़ी हुई फीस को वापस लेने की मांग कर रहे हैं। इस विरोध में पूर्व सांसद Dhananjay Singh और कई पूर्व छात्रसंघ पदाधिकारी भी शामिल हैं।
Frequently Asked Questions (FAQs)
लखनऊ विश्वविद्यालय ने सत्यम यादव को क्यों निष्कासित किया?
सत्यम यादव पर 21 मई 2026 को होमी जहांगीर भाभा छात्रावास में अनधिकृत प्रवेश, बार काउंसिल ऑफ इंडिया के निरीक्षण में बाधा डालने और अधिकारियों को धमकी देने जैसे आरोप हैं।
छात्रों की मुख्य मांगें क्या हैं?
छात्रों की मुख्य मांग निष्कासित छात्रों (सत्यम यादव, प्रेम प्रकाश, प्रिंस प्रकाश और हर्षित शुक्ला) की बहाली और विश्वविद्यालय द्वारा की गई फीस वृद्धि को वापस लेना है।