UP : Lucknow University में तीन छात्रों के निष्कासन और फीस बढ़ाये जाने के विरोध में चल रहा अनिश्चितकालीन आंदोलन सोमवार, 8 जून 2026 को सातवें दिन में प्रवेश कर गया है। छात्र कुलपति कार्यालय के बाहर धरने पर बैठे हैं और अपन
UP : Lucknow University में तीन छात्रों के निष्कासन और फीस बढ़ाये जाने के विरोध में चल रहा अनिश्चितकालीन आंदोलन सोमवार, 8 जून 2026 को सातवें दिन में प्रवेश कर गया है। छात्र कुलपति कार्यालय के बाहर धरने पर बैठे हैं और अपनी मांगें पूरी होने तक हटने को तैयार नहीं हैं। इस मुद्दे पर अब राजनीतिक दलों ने भी अपनी एंट्री कर ली है।
छात्रों के निष्कासन और विरोध की मुख्य वजह क्या है?
यह पूरा विवाद 28 अप्रैल 2026 को कुलपति कार्यालय के बाहर हुए एक प्रदर्शन से शुरू हुआ था। विश्वविद्यालय प्रशासन ने प्रॉक्टोरियल बोर्ड की रिपोर्ट के आधार पर तीन छात्रों – प्रेम प्रकाश यादव, प्रिंस प्रकाश (शशि प्रकाश) और हर्षित शुक्ला को निष्कासित कर दिया। छात्रों का आरोप है कि प्रशासन उनके लोकतांत्रिक अधिकारों को दबा रहा है। इसके साथ ही फीस में की गई बढ़ोतरी भी छात्रों के गुस्से का बड़ा कारण बनी हुई है।
प्रशासन पर गंभीर आरोप और राजनीतिक समर्थन
प्रदर्शनकारी छात्रों ने आरोप लगाया है कि 7 जून को विश्वविद्यालय प्रशासन ने उनके धरना स्थल की बिजली काट दी और पास के शौचालयों को बंद कर दिया, जिससे उन्हें पानी की किल्लत का सामना करना पड़ा। इस आंदोलन को अब बड़ा राजनीतिक समर्थन मिल रहा है। अयोध्या के सांसद अवधेश प्रसाद और कांग्रेस नेता रुद्र दमन सिंह ‘बब्लू’ ने धरना स्थल का दौरा किया। सोमवार को कांग्रेस विधायक वीरेंद्र चौधरी भी छात्रों के समर्थन में पहुँचेंगे।
आंदोलन में कौन-कौन शामिल है?
- निष्कासित छात्र: प्रेम प्रकाश यादव, प्रिंस प्रकाश और हर्षित शुक्ला।
- छात्र नेता: रविंदन यादव और अक्षत पांडे।
- राजनीतिक समर्थन: सांसद अवधेश प्रसाद, विधायक वीरेंद्र चौधरी और पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष रमेश श्रीवास्तव।
- प्रशासन: कुलपति जय प्रकाश सैनी, जिन पर दमनकारी कार्रवाई के आरोप हैं।
Frequently Asked Questions (FAQs)
लखनऊ विश्वविद्यालय में छात्रों का प्रदर्शन क्यों हो रहा है?
छात्र तीन साथियों के निष्कासन और विश्वविद्यालय की बढ़ी हुई फीस के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं। उनका कहना है कि प्रशासन उनके लोकतांत्रिक अधिकारों का दमन कर रहा है।
किन छात्रों को विश्वविद्यालय से निकाला गया है?
प्रॉक्टोरियल बोर्ड की रिपोर्ट के आधार पर प्रेम प्रकाश यादव, प्रिंस प्रकाश (शशि प्रकाश) और हर्षित शुक्ला को निष्कासित किया गया है।