Lucknow में प्रदूषण से मिलेगी राहत, जहरीली हवा सोखने वाले पौधों की पहचान करेगा लखनऊ विश्वविद्यालय

Lucknow: शहर की हवा में बढ़ते प्रदूषण और जहरीले कणों के खतरे को कम करने के लिए लखनऊ विश्वविद्यालय ने एक खास शोध शुरू किया है। इस प्रोजेक्ट का मकसद ऐसे स्थानीय पौधों को खोजना है जो हवा से जहरीली भारी धातुओं को सोख सकें। इ

Lucknow: शहर की हवा में बढ़ते प्रदूषण और जहरीले कणों के खतरे को कम करने के लिए लखनऊ विश्वविद्यालय ने एक खास शोध शुरू किया है। इस प्रोजेक्ट का मकसद ऐसे स्थानीय पौधों को खोजना है जो हवा से जहरीली भारी धातुओं को सोख सकें। इससे आने वाले समय में शहर की हवा को साफ करने में मदद मिलेगी।

वनस्पति विज्ञान विभाग की सहायक प्रोफेसर आदित्य आभा सिंह इस पूरी परियोजना की देखरेख कर रही हैं। उन्होंने बताया कि इस रिसर्च का मुख्य लक्ष्य यह पता लगाना है कि वायु प्रदूषण लोगों की सेहत पर कैसा असर डाल रहा है। साथ ही, पौधों के जरिए प्रदूषण को नियंत्रित करने यानी फाइटोरिमेडिएशन की संभावनाओं पर काम किया जाएगा।

इस शोध को दो हिस्सों में बांटा गया है। पहले चरण में लखनऊ के अलग-अलग इलाकों में पीएम 2.5 और पीएम 10 जैसे कणीय प्रदूषण की जांच होगी। इसमें यह देखा जाएगा कि प्रदूषण के स्रोत क्या हैं और मौसम के हिसाब से इसमें क्या बदलाव आते हैं। दूसरे चरण में कुछ खास जगहों के स्थानीय पौधों का अध्ययन किया जाएगा ताकि यह जाना जा सके कि कौन से पौधे सबसे ज्यादा जहरीली धातुओं को अपने अंदर जमा कर सकते हैं।

लखनऊ विश्वविद्यालय का मानना है कि जब इन असरदार पौधों की पहचान हो जाएगी, तो प्रशासन की मदद से प्रदूषण वाले इलाकों में इन्हें बड़े पैमाने पर लगाया जा सकेगा। इससे न केवल हवा की क्वालिटी सुधरेगी, बल्कि पर्यावरण को बचाने के लिए एक वैज्ञानिक तरीका भी मिल जाएगा।