UP: लखनऊ विश्वविद्यालय के जूलॉजी विभाग में तैनात असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. परमजीत सिंह को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। एक BSc छात्रा के साथ छेड़छाड़ और परीक्षा की गोपनीयता भंग करने के गंभीर आरोप उन पर लगे हैं। यूनिवर्सिटी
UP: लखनऊ विश्वविद्यालय के जूलॉजी विभाग में तैनात असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. परमजीत सिंह को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। एक BSc छात्रा के साथ छेड़छाड़ और परीक्षा की गोपनीयता भंग करने के गंभीर आरोप उन पर लगे हैं। यूनिवर्सिटी प्रशासन ने इस मामले में सख्त रुख अपनाते हुए उनके चैंबर को सील कर दिया है।
प्रोफेसर पर क्या हैं आरोप और क्या हुई कार्रवाई
मामला तब शुरू हुआ जब 15 मई 2026 को कुछ ऑडियो क्लिप वायरल हुए। इन क्लिप में प्रोफेसर परमजीत सिंह एक छात्रा से ‘डार्लिंग’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल कर रहे थे। परीक्षा नियंत्रक विद्यानंद त्रिपाठी ने शिकायत की कि इन बातचीत से न केवल छात्रा की गरिमा को ठेस पहुंची, बल्कि परीक्षा की गोपनीयता भी खत्म हुई। इसके बाद 16 मई को पुलिस ने प्रोफेसर को गिरफ्तार किया और एफआईआर दर्ज की।
पुलिस जांच और जब्त किए गए सामान
पुलिस ने 17 मई को विश्वविद्यालय स्थित प्रोफेसर के चैंबर की तलाशी ली। जांच के दौरान उनका लैपटॉप और मोबाइल फोन जब्त कर लिया गया है। पुलिस अब इन इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या पेपर लीक जैसी कोई घटना हुई है। आरोपी प्रोफेसर को फिलहाल जेल भेज दिया गया है और पीड़िता के बयान दर्ज कराए जा रहे हैं।
यूनिवर्सिटी प्रशासन का अगला कदम
कुलपति प्रोफेसर जे.पी. सैनी ने इस मामले में ‘जीरो टॉलरेंस पॉलिसी’ अपनाने की बात कही है। आंतरिक शिकायत समिति (ICC) को 24 घंटे के भीतर रिपोर्ट देने का निर्देश दिया गया था। सोमवार, 18 मई 2026 को यूनिवर्सिटी की कार्यपरिषद इस रिपोर्ट के आधार पर प्रोफेसर के खिलाफ अंतिम निर्णय लेगी। पुलिस ने यह मामला भारतीय न्याय संहिता की धारा 74 और सार्वजनिक परीक्षा अध्यादेश 2024 की धाराओं के तहत दर्ज किया है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
डॉ. परमजीत सिंह के खिलाफ कौन सी धाराएं लगाई गई हैं
पुलिस ने उनके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 74 और उत्तर प्रदेश सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों का निवारण) अध्यादेश 2024 की धारा 11 और 13(5) के तहत मामला दर्ज किया है।
यूनिवर्सिटी प्रशासन ने अब तक क्या कदम उठाए हैं
विश्वविद्यालय ने प्रोफेसर के चैंबर को सील कर दिया है, आंतरिक शिकायत समिति (ICC) से रिपोर्ट मांगी है और परीक्षा नियंत्रक के जरिए एफआईआर दर्ज कराई है।