UP : लखनऊ विश्वविद्यालय के जूलॉजी विभाग में एक असिस्टेंट प्रोफेसर ने अपनी ही छात्रा के साथ मर्यादा लांघी है। डॉ. परमजीत सिंह पर आरोप है कि उन्होंने बीएससी छठे सेमेस्टर की एक छात्रा को परीक्षा के पेपर लीक करने का लालच दिय
UP : लखनऊ विश्वविद्यालय के जूलॉजी विभाग में एक असिस्टेंट प्रोफेसर ने अपनी ही छात्रा के साथ मर्यादा लांघी है। डॉ. परमजीत सिंह पर आरोप है कि उन्होंने बीएससी छठे सेमेस्टर की एक छात्रा को परीक्षा के पेपर लीक करने का लालच दिया और उससे अश्लील बातें कीं। यह पूरा मामला तब खुला जब सोशल मीडिया पर उनकी बातचीत के ऑडियो क्लिप वायरल हो गए, जिसके बाद यूनिवर्सिटी प्रशासन और पुलिस एक्शन में आई है।
क्या है पूरा मामला और कैसे हुई गिरफ्तारी
यह घटना 15 मई 2026 को सामने आई। आरोपी प्रोफेसर डॉ. परमजीत सिंह ने छात्रा को मैसेज में ‘डार्लिंग’ कहा और पेपर आउट करने के बदले मिलने की बात कही थी। यूनिवर्सिटी के परीक्षा नियंत्रक विद्यानंद त्रिपाठी ने इस मामले में हसनगंज पुलिस थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई। पुलिस ने शुक्रवार देर रात प्रोफेसर को हिरासत में ले लिया और उनसे पूछताछ शुरू कर दी है।
यूनिवर्सिटी प्रशासन और कुलपति का क्या कहना है
कुलपति जे. पी. सैनी ने इस घटना को गंभीरता से लिया है और यूनिवर्सिटी की आंतरिक शिकायत समिति को 24 घंटे के भीतर अपनी रिपोर्ट देने का आदेश दिया है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने साफ किया है कि ऐसे किसी भी कदाचार को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्रॉक्टर कार्यालय में आरोपी शिक्षक, छात्रा और अन्य छात्रों के बयान भी दर्ज किए गए हैं।
छात्रों का विरोध और प्रोफेसर का दावा
एबीवीपी ने इस घटना के बाद जोरदार प्रदर्शन किया और आरोपी प्रोफेसर को तुरंत बर्खास्त करने की मांग की। जब पुलिस प्रोफेसर को ले जा रही थी, तब छात्रों ने उनके खिलाफ काफी नारेबाजी की। दूसरी तरफ, डॉ. परमजीत सिंह ने इन सभी आरोपों को गलत बताया है। उनका दावा है कि यूनिवर्सिटी के अंदर की राजनीति की वजह से उन्हें झूठा फंसाया जा रहा है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
प्रोफेसर परमजीत सिंह पर क्या आरोप लगे हैं?
डॉ. परमजीत सिंह पर बीएससी छठे सेमेस्टर की छात्रा के साथ अश्लील बातचीत करने और उसे परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक करने का प्रलोभन देने का आरोप है।
यूनिवर्सिटी प्रशासन ने क्या कार्रवाई की है?
विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक ने प्राथमिकी दर्ज कराई है और कुलपति ने आंतरिक शिकायत समिति से 24 घंटे के भीतर रिपोर्ट मांगी है।