UP: लखनऊ यूनिवर्सिटी के जूलॉजी विभाग में हड़कंप मच गया है। यहाँ के एक सहायक प्रोफेसर डॉ. परमजीत सिंह को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। उन पर एक बीएससी अंतिम वर्ष की छात्रा को गलत तरीके से प्रलोभन देने और उत्पीड़न करने का
UP: लखनऊ यूनिवर्सिटी के जूलॉजी विभाग में हड़कंप मच गया है। यहाँ के एक सहायक प्रोफेसर डॉ. परमजीत सिंह को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। उन पर एक बीएससी अंतिम वर्ष की छात्रा को गलत तरीके से प्रलोभन देने और उत्पीड़न करने का आरोप है। मामला तब खुला जब प्रोफेसर और छात्रा की बातचीत का एक ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
प्रोफेसर ने क्या किया और पुलिस ने क्या कार्रवाई की
वायरल ऑडियो में प्रोफेसर कथित तौर पर छात्रा को ‘डार्लिंग, तुम पर फिदा हूं’ जैसे शब्द कहते सुनाई दे रहे हैं। आरोप है कि वह छात्रा को परीक्षा का पेपर लीक करने का लालच दे रहे थे ताकि उसका शोषण कर सकें। यूनिवर्सिटी के परीक्षा नियंत्रक विद्यानंद त्रिपाठी ने हसनगंज थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 74 और यूपी पब्लिक एग्जाम एक्ट 2024 की धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज कर आरोपी को अरेस्ट कर लिया है।
यूनिवर्सिटी प्रशासन ने जांच के लिए क्या कदम उठाए
कुलपति जे.पी. सैनी ने इस मामले में सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने आंतरिक शिकायत समिति (ICC) को निर्देश दिया है कि 24 घंटे के भीतर जांच रिपोर्ट सौंपी जाए। यूनिवर्सिटी प्रवक्ता प्रो. मुकुल श्रीवास्तव ने कहा कि संस्थान की गरिमा को ठेस पहुंचाने वालों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी। जूलॉजी विभागाध्यक्ष प्रो. अमिता कनौजिया ने भी माना है कि ऑडियो में आवाज आरोपी प्रोफेसर की ही लग रही है।
आरोपी प्रोफेसर का क्या है दावा
गिरफ्तारी के बाद डॉ. परमजीत सिंह ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को गलत बताया है। उनका कहना है कि यूनिवर्सिटी की आंतरिक राजनीति की वजह से उन्हें झूठा फंसाया गया है। फिलहाल पुलिस और प्रशासन इस बात की जांच कर रहे हैं कि क्या वाकई में पेपर लीक हुआ था या यह सिर्फ प्रलोभन देने की कोशिश थी। वहीं ABVP के कार्यकर्ताओं ने कैंपस में प्रदर्शन कर आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
आरोपी प्रोफेसर पर कौन सी धाराएं लगी हैं?
प्रोफेसर पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 74 (महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाना) और उत्तर प्रदेश सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2024 की धारा 11 और 13(5) के तहत मामला दर्ज किया गया है।
यूनिवर्सिटी प्रशासन ने जांच के लिए कितना समय दिया है?
कुलपति जे.पी. सैनी ने आंतरिक शिकायत समिति (ICC) को इस पूरे मामले की जांच कर 24 घंटे के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है।