UP: लखनऊ विश्वविद्यालय में एक बार फिर पेपर लीक का मामला सामने आया है। इस बार जूलॉजी विभाग के एक असिस्टेंट प्रोफेसर पर एक छात्रा को पेपर देने और दबाव बनाने का आरोप लगा है। इस पूरे मामले का एक ऑडियो क्लिप भी वायरल हुआ है,
UP: लखनऊ विश्वविद्यालय में एक बार फिर पेपर लीक का मामला सामने आया है। इस बार जूलॉजी विभाग के एक असिस्टेंट प्रोफेसर पर एक छात्रा को पेपर देने और दबाव बनाने का आरोप लगा है। इस पूरे मामले का एक ऑडियो क्लिप भी वायरल हुआ है, जिसके बाद विश्वविद्यालय प्रशासन और पुलिस एक्शन में आ गई है।
क्या है ताजा मामला और प्रोफेसर पर क्या आरोप हैं?
जूलॉजी विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर Paramjeet Singh पर आरोप है कि उन्होंने एक छात्रा को परीक्षा के पेपर लीक करने का ऑफर दिया और उससे मिलने का दबाव बनाया। इस मामले में हसगंज पुलिस स्टेशन में FIR दर्ज की गई है। प्रोफेसर पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 74 और उत्तर प्रदेश पब्लिक एग्जामिनेशन एक्ट 2024 की धारा 11 और 13(5) के तहत केस दर्ज हुआ है। प्रोफेसर ने इन आरोपों को गलत बताया है और इसे आपसी राजनीति का नतीजा कहा है।
यूनिवर्सिटी प्रशासन ने क्या कदम उठाए हैं?
कुलपति J.P. Saini ने इस मामले में जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई है। उन्होंने इंटरनल कंप्लेंट कमेटी को 24 घंटे के भीतर रिपोर्ट सौंपने का आदेश दिया है। परीक्षा नियंत्रक ने भी इस मामले में FIR दर्ज कराई है। पुलिस ने आरोपी प्रोफेसर को हिरासत में लेकर पूछताछ की है और वायरल ऑडियो क्लिप की जांच की जा रही है ताकि पता चल सके कि वास्तव में फाइनल ईयर के पेपर लीक हुए हैं या नहीं।
2019 का पुराना पेपर लीक कांड भी याद आया
इस नई घटना के बाद दिसंबर 2019 का पुराना मामला फिर चर्चा में आ गया है। उस समय भी एक ऑडियो क्लिप वायरल हुआ था जिसमें एक अधिकारी और मेडिकल संस्थान के अफसर के बीच पेपर लीक की बात हो रही थी। उस मामले में तत्कालीन कुलपति S.K. Shukla और कुछ प्रोफेसरों पर गंभीर आरोप लगे थे। STF की जांच में पाया गया था कि ऑडियो की आवाजें आरोपियों से मेल खाती हैं और 40 प्रतिशत सवाल असली पेपर से मैच हुए थे, जिसके बाद LL.B की परीक्षा रद्द कर दी गई थी।
Frequently Asked Questions (FAQs)
प्रोफेसर परमजीत सिंह पर कौन सी धाराएं लगाई गई हैं?
प्रोफेसर पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 74 (महिला की गरिमा को ठेस पहुँचाना) और यूपी पब्लिक एग्जामिनेशन (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) एक्ट 2024 की धारा 11 और 13(5) के तहत मामला दर्ज किया गया है।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने इस मामले में क्या कार्रवाई की है?
कुलपति J.P. Saini ने इंटरनल कंप्लेंट कमेटी से 24 घंटे में रिपोर्ट मांगी है और पुलिस ने आरोपी प्रोफेसर को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।