UP: लखनऊ विश्वविद्यालय (LU) ने विधि यानी Law के छात्रों के लिए पासिंग नियमों में बड़ा बदलाव किया है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के तहत अब तीन और पांच साल वाले LLB कोर्स में पास होने का तरीका आसान कर दिया गया है। यह नया
UP: लखनऊ विश्वविद्यालय (LU) ने विधि यानी Law के छात्रों के लिए पासिंग नियमों में बड़ा बदलाव किया है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के तहत अब तीन और पांच साल वाले LLB कोर्स में पास होने का तरीका आसान कर दिया गया है। यह नया नियम 1 जून 2026 से लागू हो गया है और इसका फायदा दूसरे सेमेस्टर में पढ़ रहे छात्रों को भी मिलेगा।
पास होने के लिए अब क्या हैं नए नियम?
पहले छात्रों को लिखित परीक्षा (Theory) और इंटरनल असेसमेंट दोनों में अलग-अलग पास होना पड़ता था। अब यूनिवर्सिटी ने इसे बदल दिया है। अब छात्र लिखित परीक्षा और इंटरनल के अंकों को मिलाकर अगर 40 प्रतिशत अंक ले आते हैं, तो उन्हें उस विषय में पास मान लिया जाएगा। हालांकि, पूरे सेमेस्टर में सभी विषयों को मिलाकर कुल 45 प्रतिशत अंक लाना जरूरी होगा।
मूल्यांकन प्रणाली और प्रमोशन में क्या बदला?
यूनिवर्सिटी ने नंबर देने के तरीके में भी बदलाव किया है। पहले लिखित परीक्षा और इंटरनल का अनुपात 90:10 था, जिसे अब 75:25 कर दिया गया है। इसका मतलब है कि अब 75 प्रतिशत अंक लिखित परीक्षा के होंगे और 25 प्रतिशत अंक असाइनमेंट, प्रोजेक्ट और उपस्थिति (Attendance) के आधार पर दिए जाएंगे। साथ ही, छात्रों को अब विषम (Odd) सेमेस्टर से सम (Even) सेमेस्टर में सीधे प्रमोट कर दिया जाएगा।
कुलपति का बयान और मार्कशीट अपडेट
कुलपति प्रो. जे.पी. सैनी ने बताया कि इन बदलावों का मकसद कानून की पढ़ाई को आधुनिक बनाना और छात्रों के तनाव को कम करना है। यह पूरा सिस्टम बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) के नियमों के हिसाब से बनाया गया है। यूनिवर्सिटी प्रवक्ता प्रोफेसर मुकुल श्रीवास्तव ने कहा कि पहले सेमेस्टर के जिन छात्रों की मार्कशीट पुराने नियमों से बनी थी, उन्हें अपडेट किया जा रहा है और नई मार्कशीट जल्द ही वेबसाइट पर जारी होगी।
Frequently Asked Questions (FAQs)
LLB में पास होने के लिए अब कितने प्रतिशत अंक चाहिए?
अब किसी भी विषय में पास होने के लिए लिखित परीक्षा और इंटरनल मिलाकर 40 प्रतिशत अंक जरूरी हैं, जबकि पूरे सेमेस्टर में कुल मिलाकर 45 प्रतिशत अंक लाने होंगे।
नया मूल्यांकन फॉर्मूला (Evaluation Formula) क्या है?
अब मूल्यांकन का अनुपात 75:25 कर दिया गया है, जिसमें 75 प्रतिशत अंक लिखित परीक्षा के और 25 प्रतिशत अंक इंटरनल असेसमेंट (असाइनमेंट और उपस्थिति) के लिए रखे गए हैं।