UP : लखनऊ विश्वविद्यालय (LU) ने अपनी पढ़ाई की क्वालिटी सुधारने और पारदर्शिता लाने के लिए बड़े बदलाव किए हैं। अब लॉ के कोर्स में भारतीय ज्ञान प्रणाली (IKS) और नैतिकता जैसे विषयों को जोड़ा जाएगा। साथ ही, PhD में एडमिशन की
UP : लखनऊ विश्वविद्यालय (LU) ने अपनी पढ़ाई की क्वालिटी सुधारने और पारदर्शिता लाने के लिए बड़े बदलाव किए हैं। अब लॉ के कोर्स में भारतीय ज्ञान प्रणाली (IKS) और नैतिकता जैसे विषयों को जोड़ा जाएगा। साथ ही, PhD में एडमिशन की प्रक्रिया को निष्पक्ष बनाने के लिए अब सभी इंटरव्यू की वीडियो रिकॉर्डिंग की जाएगी।
लॉ कोर्स में क्या-क्या बदलाव होंगे
कुलपति प्रो. जे.पी. सैनी ने बताया कि कानून के छात्रों को सिर्फ कानूनी धाराओं का ज्ञान ही नहीं, बल्कि उन्हें नैतिक और सामाजिक मूल्यों के प्रति संवेदनशील बनाना भी जरूरी है। अब पाठ्यक्रम में भारतीय ज्ञान प्रणाली और मानवीय मूल्यों को अनिवार्य रूप से शामिल किया जाएगा। इसके लिए यूनिवर्सिटी सभी सरकारी और सेल्फ-फाइनेंस कॉलेज के शिक्षकों के साथ विशेष वर्कशॉप करेगी ताकि सभी जगह एक जैसा और उच्च स्तर का सिलेबस लागू हो सके।
PhD एडमिशन और इंफ्रास्ट्रक्चर में नए नियम
यूनिवर्सिटी ने PhD प्रवेश प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने के लिए इंटरव्यू की वीडियो रिकॉर्डिंग का फैसला लिया है। इसके अलावा, पाठ्यक्रम को ग्लोबल और प्रैक्टिकल बनाने के लिए बोर्ड ऑफ स्टडीज में अब रिसर्च स्कॉलर्स, इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स और पूर्व छात्रों (Alumni) को शामिल करना अनिवार्य होगा। लॉ फैकल्टी के कोर्स चलाने के लिए गिरिलाल गुप्ता संस्थान और शंकर दयाल शर्मा संस्थान की बिल्डिंग आवंटित की गई है, जहाँ भविष्य में रोजगार से जुड़े नए कोर्स शुरू होंगे।
UGC और NEP 2020 का असर
यह बदलाव नेशनल एजुकेशन पॉलिसी (NEP) 2020 और UGC के निर्देशों के अनुरूप हैं। UGC ने पहले ही सभी नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी और प्राइवेट कॉलेजों को पुराने IPC की जगह भारतीय न्याय संहिता (BNS) को सिलेबस में शामिल करने और फॉरेंसिक जांच पर जोर देने का निर्देश दिया था, जो 1 जुलाई 2024 से प्रभावी है। इससे छात्रों को आधुनिक कानूनी ढांचे और जांच तकनीकों की बेहतर समझ मिलेगी।
Frequently Asked Questions (FAQs)
लखनऊ यूनिवर्सिटी के लॉ कोर्स में कौन से नए विषय जुड़ेंगे?
लॉ पाठ्यक्रम में अब भारतीय ज्ञान प्रणाली (Indian Knowledge System) और नैतिकता (Ethics) व मानवीय मूल्यों जैसे विषयों को अनिवार्य रूप से शामिल किया जाएगा।
PhD एडमिशन की प्रक्रिया में क्या बदलाव किया गया है?
चयन प्रक्रिया को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने के लिए अब PhD के सभी इंटरव्यू की वीडियो रिकॉर्डिंग की जाएगी।