Lucknow University में शोधार्थियों के लिए हॉस्टल आवंटन शुरू, नए सत्र के लिए मरम्मत का काम भी तेज
Lucknow: लखनऊ यूनिवर्सिटी ने नए शैक्षणिक सत्र 2026-27 की तैयारी शुरू कर दी है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने पीएचडी रिसर्च स्कॉलर्स के लिए हॉस्टल आवंटन की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस बार नए सत्र के लिए सभी हॉस्टलों में मरम्मत
Lucknow: लखनऊ यूनिवर्सिटी ने नए शैक्षणिक सत्र 2026-27 की तैयारी शुरू कर दी है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने पीएचडी रिसर्च स्कॉलर्स के लिए हॉस्टल आवंटन की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस बार नए सत्र के लिए सभी हॉस्टलों में मरम्मत और सुधार का काम भी कराया जा रहा है ताकि छात्रों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।
यूनिवर्सिटी के मुख्य और दूसरे कैंपस के हॉस्टलों में रिसर्च स्कॉलर्स के लिए री-अलॉटमेंट की प्रक्रिया 30 जून 2026 से शुरू हो गई है। प्रशासन ने पहले ही निर्देश दिए थे कि पुराने छात्र 27 जून तक कमरे खाली कर दें और मेस की सेवाएं 28 जून से बंद कर दी गई थीं ताकि मरम्मत का काम समय पर पूरा हो सके। कुलपति प्रोफेसर जे.पी. सैनी ने कहा कि छात्रों को सुरक्षित और पढ़ाई के अनुकूल माहौल देना उनकी प्राथमिकता है।
नए छात्रों के लिए हॉस्टल आवंटन की पूरी प्रक्रिया अब ऑनलाइन होगी, जिसे Hostel Management System (HMS) पोर्टल के जरिए पारदर्शी तरीके से किया जाएगा। आवंटन के लिए एंट्रेंस एग्जाम की मेरिट, घर की दूरी और कमरों की उपलब्धता जैसे मानकों का ध्यान रखा जाएगा। पीएचडी स्कॉलर्स को अधिकतम चार साल तक हॉस्टल में रहने की अनुमति होगी। री-अलॉटमेंट के लिए छात्रों को अपने सुपरवाइजर और विभागाध्यक्ष से रिसर्च प्रोग्रेस का सर्टिफिकेट देना होगा।
हॉस्टल नियमों के मुताबिक, लखनऊ के स्थाई निवासी या जिनके माता-पिता लखनऊ में रहते हैं, वे इस सुविधा के लिए पात्र नहीं होंगे। इसके अलावा, पिछले सत्र में 50 प्रतिशत से कम अंक पाने वाले या बैक पेपर वाले छात्रों को भी प्रवेश नहीं मिलेगा।
| विवरण | जानकारी/शुल्क |
|---|---|
| कुल हॉस्टल | 18 (9 लड़कों के लिए, 9 लड़कियों के लिए) |
| कुल क्षमता | 3029 छात्र |
| वार्षिक किराया | 4,800 रुपये से 24,000 रुपये तक |
| वार्षिक मेस शुल्क | 25,000 रुपये से 39,000 रुपये तक |
| रिफंडेबल सिक्योरिटी | 1,000 रुपये से 5,000 रुपये तक |
| आवंटन का तरीका | ऑनलाइन (HMS पोर्टल) |
यूनिवर्सिटी के सभी 18 हॉस्टलों में कमरों, किचन, फर्नीचर, खिड़की-दरवाजों, टॉयलेट, पानी की टंकी और बिजली के सिस्टम को ठीक किया जा रहा है। नियमों के अनुसार, छात्रों को अंतिम परीक्षा के तीन दिन के भीतर कमरा खाली करना होगा और रिसर्च छात्रों को गर्मियों की छुट्टियों में कम से कम दो हफ्ते के लिए कमरा खाली करना होगा ताकि रखरखाव का काम हो सके।