UP : Lucknow University में फीस बढ़ोतरी और छात्रों के निष्कासन को लेकर विवाद गहरा गया है। इस मामले में अब राजनीतिक दलों ने भी एंट्री कर ली है। समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के बड़े नेताओं ने आंदोलन कर रहे छात्रों से मुलाका
UP : Lucknow University में फीस बढ़ोतरी और छात्रों के निष्कासन को लेकर विवाद गहरा गया है। इस मामले में अब राजनीतिक दलों ने भी एंट्री कर ली है। समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के बड़े नेताओं ने आंदोलन कर रहे छात्रों से मुलाकात की और प्रशासन के खिलाफ अपना समर्थन जताया।
फीस में कितनी बढ़ोतरी हुई और क्या हैं आरोप
छात्रों का कहना है कि विश्वविद्यालय ने कई कोर्स की फीस में 40 से 42 प्रतिशत तक का इजाफा किया है। बी.कॉम ऑनर्स की फीस 28,000 रुपये से बढ़ाकर 40,000 रुपये और एलएलबी की फीस 25,000-26,000 रुपये से बढ़ाकर 47,000 रुपये कर दी गई है। वहीं बीसीए की फीस 13,000 रुपये से बढ़कर 26,000 रुपये हो गई है। छात्रों ने फीस रसीदों में भ्रष्टाचार और 2,000 रुपये विलंब शुल्क लगाने का भी आरोप लगाया है।
नेताओं ने क्यों जताया विरोध और क्या है प्रशासन का पक्ष
अयोध्या सांसद अवधेश प्रसाद और पूर्व सांसद पी.एल. पुनिया ने छात्रों से मिलकर उनकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने छात्रों के खिलाफ दर्ज एफआईआर और निष्कासन की कार्रवाई पर चिंता जताई और मांग की कि दंडात्मक कार्रवाई के बजाय संवाद होना चाहिए। दूसरी तरफ, कुलपति प्रोफेसर जय प्रकाश सैनी का कहना है कि कोई फीस वृद्धि नहीं हुई है। उनके मुताबिक, अतिरिक्त सीटों और नए पाठ्यक्रमों के लिए शुल्क लिया जा रहा है और साथ ही सुविधाएं भी बढ़ाई गई हैं।
किन छात्रों पर हुई कार्रवाई और आगे क्या होगा
इस विवाद के बीच विश्वविद्यालय प्रशासन ने प्रेम प्रकाश, हर्षित और प्रिंस नाम के तीन छात्रों को निष्कासित कर दिया है। विरोध करने वाले अन्य छात्रों पर एफआईआर भी दर्ज की गई है। छात्रों ने चेतावनी दी है कि अगर उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं और निष्कासित छात्रों की बहाली नहीं हुई, तो वे उच्च न्यायालय जाएंगे और आंदोलन को और तेज करेंगे।
Frequently Asked Questions (FAQs)
Lucknow University में किन कोर्स की फीस बढ़ी है
छात्रों के अनुसार बी.कॉम ऑनर्स की फीस 28,000 से 40,000 रुपये, एलएलबी की 25,000-26,000 से 47,000 रुपये और बीसीए की फीस 13,000 से 26,000 रुपये कर दी गई है।
विश्वविद्यालय प्रशासन का फीस वृद्धि पर क्या कहना है
कुलपति प्रोफेसर जय प्रकाश सैनी ने फीस वृद्धि से इनकार किया है। उनका कहना है कि यह शुल्क नए पाठ्यक्रमों और अतिरिक्त सीटों के लिए लिया जा रहा है।