Lucknow University में फीस वृद्धि पर बवाल, छात्रों के समर्थन में उतरे कांग्रेस नेता राजेंद्र पाल गौतम
UP/Lucknow: लखनऊ विश्वविद्यालय में फीस बढ़ाई गई है जिससे छात्रों में काफी गुस्सा है। इस मुद्दे को लेकर उत्तर प्रदेश कांग्रेस के प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम ने 16 जुलाई 2026 को यूनिवर्सिटी पहुंचकर छात्रों से मुलाकात की। उन्
UP/Lucknow: लखनऊ विश्वविद्यालय में फीस बढ़ाई गई है जिससे छात्रों में काफी गुस्सा है। इस मुद्दे को लेकर उत्तर प्रदेश कांग्रेस के प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम ने 16 जुलाई 2026 को यूनिवर्सिटी पहुंचकर छात्रों से मुलाकात की। उन्होंने छात्रों की समस्याओं को सुना और फीस वृद्धि के खिलाफ अपना समर्थन दिया।
राजेंद्र पाल गौतम ने आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय प्रशासन ने कई कोर्स की फीस अचानक बहुत ज्यादा बढ़ा दी है। उन्होंने बताया कि बीकॉम ऑनर्स जैसे साधारण कोर्स की फीस लगभग एक लाख रुपये हो गई है और कई अन्य कोर्स की फीस भी दोगुनी कर दी गई है। गौतम ने राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार युवाओं को रोजगार देने और परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी बनाने में नाकाम रही है। उन्होंने यह भी मुद्दा उठाया कि छात्रवृत्ति और फेलोशिप बंद होने से एससी, एसटी, ओबीसी और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों के लिए पढ़ाई करना मुश्किल हो गया है।
दूसरी तरफ लखनऊ विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. जे.पी. सैनी ने 22 अप्रैल 2026 को साफ कर दिया था कि सेल्फ फाइनेंसिंग सेमेस्टर की बढ़ी हुई फीस वापस नहीं ली जाएगी। कुलपति का कहना है कि इस पैसे का इस्तेमाल यूनिवर्सिटी की सुविधाओं को सुधारने, जैसे शौचालय और वाटर कूलर ठीक कराने और लर्निंग मैनेजमेंट सिस्टम बनाने में किया जाएगा। उन्होंने बताया कि एससी और एसटी के 22.5% छात्रों को पूरी फीस वापस मिलती है और ईडब्ल्यूएस श्रेणी के 27% छात्रों को सरकार से 55,000 रुपये तक की स्कॉलरशिप मिलती है। कुलपति ने यह भी कहा कि रेगुलर कोर्स की फीस 1995-96 के समय जैसी ही है, लेकिन यूनिवर्सिटी के खर्चे अब बहुत बढ़ गए हैं।
इस पूरे विवाद के बीच छात्र लगातार विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। छात्रों की मांग है कि फीस वृद्धि वापस ली जाए, पुरानी फीस लागू हो और आंदोलन में शामिल छात्रों पर दर्ज मुकदमे हटाकर उनका निलंबन खत्म किया जाए। बता दें कि इस विरोध के दौरान तीन छात्रों को यूनिवर्सिटी से निकाला भी जा चुका है। इस लड़ाई में समाजवादी छात्र सभा और युवजन सभा जैसे संगठन भी छात्रों के साथ खड़े हैं।