UP: लखनऊ विश्वविद्यालय में अंतर्राष्ट्रीय जैव विविधता दिवस 2026 के मौके पर शुक्रवार को एक बड़ा कार्यक्रम हुआ। इस कार्यक्रम का मुख्य विषय ‘उत्तर प्रदेश की पक्षी विविधता’ रखा गया था। यहाँ पर्यावरण को बचाने की च
UP: लखनऊ विश्वविद्यालय में अंतर्राष्ट्रीय जैव विविधता दिवस 2026 के मौके पर शुक्रवार को एक बड़ा कार्यक्रम हुआ। इस कार्यक्रम का मुख्य विषय ‘उत्तर प्रदेश की पक्षी विविधता’ रखा गया था। यहाँ पर्यावरण को बचाने की चर्चा हुई और लोगों को जागरूक करने के लिए मुफ्त बीज भी बांटे गए।
कार्यक्रम का आयोजन और मुख्य उद्देश्य क्या था?
इस कार्यक्रम को ईआईएसीपी आईडब्ल्यूएस ने उत्तर प्रदेश राज्य जैव विविधता बोर्ड, नवाब वाजिद अली शाह चिड़ियाघर और प्राणी विज्ञान विभाग के साथ मिलकर आयोजित किया। इसका मकसद लोगों को प्रकृति और पक्षियों के संरक्षण के प्रति जागरूक करना था। इस मौके पर विशेषज्ञों ने बताया कि जैव विविधता मानव जीवन की आधारशिला है और इसे बचाना बहुत जरूरी है।
यूपी की जैव विविधता से जुड़ी बड़ी बातें क्या रहीं?
राज्य जैव विविधता बोर्ड के सचिव नीरज कुमार ने जानकारी दी कि प्रदेश में 2932 पौधों और 2434 जानवरों की प्रजातियां मौजूद हैं। इसके अलावा, करीब 60,000 जैव विविधता प्रबंधन समितियां गांव और कस्बों के स्तर पर काम कर रही हैं। प्रदेश में सारस क्रेन की संख्या बढ़कर 20,628 हो गई है, जो पर्यावरण के लिए एक अच्छा संकेत है।
पर्यावरण संरक्षण के लिए क्या नए कदम उठाए गए?
नवाब वाजिद अली शाह प्राणि उद्यान में एक विशेष पोस्टर का अनावरण किया गया और प्रतियोगिताओं के विजेताओं को इनाम दिए गए। साथ ही, लखनऊ विश्वविद्यालय के जानकीपुरम कैंपस में एक जैव विविधता पार्क और तालाब बनाने की योजना है। इसके अलावा, दुधवा टाइगर रिजर्व के किशनपुर वन्यजीव अभ्यारण्य में दुर्लभ सांप ‘एहतुल्लाह लोंगिरोस’ को फिर से देखा गया है और अलीगढ़ में एक नए रामसर स्थल की घोषणा हुई है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
उत्तर प्रदेश में पक्षियों और पौधों की कितनी प्रजातियां हैं?
उत्तर प्रदेश राज्य जैव विविधता बोर्ड के अनुसार, प्रदेश में 2932 पादप (पौधे) और 2434 प्राणी प्रजातियां पाई जाती हैं।
सारस क्रेन की ताज़ा संख्या कितनी है?
ताज़ा गणना के अनुसार, उत्तर प्रदेश में सारस क्रेन की संख्या बढ़कर 20,628 हो गई है।