Lucknow में बच्चों के लिए ‘उल्लास बाल पर्व’ शुरू, राय उमानाथ बली ऑडिटोरियम में दिख रही है नन्ही प्रतिभाएं
Lucknow: राजधानी लखनऊ के कैसरबाग स्थित राय उमानाथ बली ऑडिटोरियम में दो दिवसीय ‘उल्लास बाल पर्व-2026’ की शुरुआत सोमवार से हो गई है। यह महोत्सव 30 जून तक चलेगा, जहां शहर के बच्चे अपनी रचनात्मकता, एक्टिंग और सां
Lucknow: राजधानी लखनऊ के कैसरबाग स्थित राय उमानाथ बली ऑडिटोरियम में दो दिवसीय ‘उल्लास बाल पर्व-2026’ की शुरुआत सोमवार से हो गई है। यह महोत्सव 30 जून तक चलेगा, जहां शहर के बच्चे अपनी रचनात्मकता, एक्टिंग और सांस्कृतिक हुनर का प्रदर्शन कर रहे हैं। सभी कार्यक्रम शाम 7 बजे से शुरू हो रहे हैं।
इस आयोजन को ‘यायावर रंगमंडल’ द्वारा भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय के सहयोग से आयोजित किया जा रहा है। यायावर रंगमंडल के निदेशक पुनीत मित्तल ने बताया कि यह संस्था पिछले 32 सालों से बच्चों के व्यक्तित्व विकास और उनकी कलात्मक दृष्टि को निखारने का काम कर रही है। उन्होंने कहा कि बाल रंगमंच को बढ़ावा देने के लिए बच्चों के मनोविज्ञान को समझकर विशेषज्ञों द्वारा ट्रेनिंग दी जाती है।
इस साल के महोत्सव के लिए तीन अलग-अलग केंद्रों पर 40 दिनों की वर्कशॉप चलाई गई थी। इंदिरा नगर की के.के. अकादमी, गोमतीनगर के सेंट पीटर्स इंटर कॉलेज और जानकीपुरम के पूरन शिक्षा केंद्र के कुल 130 बच्चों ने इसमें हिस्सा लिया।
सोमवार को पहले दिन के कार्यक्रम में के.के. अकादमी के बच्चों ने पुनीत मित्तल के निर्देशन में ‘गुपी गाइन बाघा बाइन’ नाटक पेश किया। यह नाटक सत्यजीत रे की कहानी पर आधारित था, जिसमें संगीत और भाईचारे के संदेश को दिखाया गया।
मंगलवार को दूसरे दिन के कार्यक्रमों की सूची इस प्रकार है:
- पूरन शिक्षा केंद्र (जानकीपुरम): यहां के छात्र ‘गोपाल से जगत पाल तक’ नाम की नृत्य-नाटिका पेश करेंगे, जिसका कोरियोग्राफी वंशिका शर्मा ने किया है।
- सेंट पीटर्स इंटर कॉलेज (गोमती नगर): महोत्सव का समापन ‘एक सपना’ नाटक के साथ होगा, जिसे अंकित श्रीवास्तव ने निर्देशित किया है और इसकी स्क्रिप्ट योगेंद्र जोशी ने लिखी है।