Lucknow में उल्लास बाल पर्व-2026 का आगाज़, बच्चों ने नाटक के जरिए दिया भाईचारे का संदेश
Lucknow: राजधानी लखनऊ के कैसरबाग स्थित राय उमानाथ बली ऑडिटोरियम में सोमवार से दो दिवसीय ‘उल्लास बाल पर्व-2026’ शुरू हुआ। यह महोत्सव बच्चों की कला, रंगमंच और उनकी रचनात्मक प्रतिभा को निखारने के लिए आयोजित किया
Lucknow: राजधानी लखनऊ के कैसरबाग स्थित राय उमानाथ बली ऑडिटोरियम में सोमवार से दो दिवसीय ‘उल्लास बाल पर्व-2026’ शुरू हुआ। यह महोत्सव बच्चों की कला, रंगमंच और उनकी रचनात्मक प्रतिभा को निखारने के लिए आयोजित किया गया है। 29 और 30 जून को होने वाले इस कार्यक्रम में शाम 7 बजे से विभिन्न प्रस्तुतियां दी जा रही हैं।
इस महोत्सव का आयोजन यायावर रंगमंडल द्वारा भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय के सहयोग से किया जा रहा है। यह इस पर्व का 32वां साल है, जो पिछले तीन दशकों से बच्चों के व्यक्तित्व विकास और उन्हें कला से जोड़ने का काम कर रहा है। यायावर रंगमंडल के निदेशक पुनीत मित्तल इस आयोजन के मुख्य विशेषज्ञों में शामिल हैं।
महोत्सव के पहले दिन इंदिरा नगर की के.के. अकादमी के बच्चों ने पुनीत मित्तल के निर्देशन में ‘गुपी गाइन बाघा बाइन’ नाटक का मंचन किया। यह नाटक सत्यजीत रे के रूपांतरण और उपेंद्र किशोर रे चौधरी की मूल कथा पर आधारित था, जिसका हिंदी रूपांतरण आद्या घोषाल ने किया और अवधारणा लक्ष्मी कौल की थी। इस नाटक के जरिए बच्चों ने संगीत, प्रेम और भाईचारे को दुनिया की सबसे बड़ी ताकत बताया।
इस बड़े मंच तक पहुँचने के लिए बच्चों ने कड़ी मेहनत की है। महोत्सव से पहले तीन अलग-अलग केंद्रों पर 40 दिनों की रंगमंचीय कार्यशालाएं चलाई गईं। ये केंद्र इंदिरा नगर की के.के. अकादमी, गोमतीनगर का सेंट पीटर्स इंटर कॉलेज और जानकीपुरम का पूरन शिक्षा केंद्र थे। इन वर्कशॉप में कुल 130 बच्चों ने हिस्सा लिया और अभिनय, नृत्य, संगीत, संवाद-अदायगी और टीमवर्क जैसी बारीकियां सीखीं।