Lucknow में ‘उल्लास बाल पर्व-2026’ का समापन, बच्चों ने अभिनय और नृत्य से जीता दिल

Lucknow: राजधानी लखनऊ के कैसरबाग स्थित राय उमानाथ बली ऑडिटोरियम में दो दिवसीय ‘उल्लास बाल पर्व-2026’ का समापन मंगलवार को हो गया। यायावर रंगमंडल और भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय के सहयोग से आयोजित इस महोत्सव

Lucknow: राजधानी लखनऊ के कैसरबाग स्थित राय उमानाथ बली ऑडिटोरियम में दो दिवसीय ‘उल्लास बाल पर्व-2026’ का समापन मंगलवार को हो गया। यायावर रंगमंडल और भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय के सहयोग से आयोजित इस महोत्सव में बच्चों ने अपनी कला का प्रदर्शन किया। छोटे कलाकारों की रंगारंग प्रस्तुतियों ने वहां मौजूद दर्शकों को काफी प्रभावित किया।

इस महोत्सव के लिए बच्चों को खास तौर पर तैयार किया गया था। यायावर रंगमंडल के निदेशक पुनीत मित्तल ने बताया कि यह इस आयोजन का 32वां वर्ष है। कार्यक्रम से पहले तीन अलग-अलग केंद्रों पर 40 दिनों तक रंगमंचीय कार्यशालाएं चलाई गईं, जिनमें कुल 130 बच्चों ने हिस्सा लिया। इन कार्यशालाओं को बच्चों के मनोविज्ञान को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया था ताकि वे कला को सहजता से सीख सकें।

समापन संध्या पर जानकीपुरम के पूरन शिक्षा केंद्र के छात्रों ने ‘गोपाल से जगत पाल तक’ नाम की लघु नृत्य नाटिका पेश की, जो भगवान कृष्ण की लीलाओं पर आधारित थी। वहीं गोमती नगर के सेंट पीटर्स इंटर कॉलेज के बच्चों ने ‘एक सपना’ नाटक का मंचन किया। इस नृत्य नाटिका की निर्देशिका वंशिका शर्मा ने कहा कि कल्कि का स्वरूप वह परिवर्तन है जो इंसान अपने भीतर ला सकता है।

इस पूरे आयोजन में इंदिरा नगर की के.के. अकादमी, गोमती नगर के सेंट पीटर्स इंटर कॉलेज और जानकीपुरम के पूरन शिक्षा केंद्र ने मुख्य केंद्रों के रूप में काम किया। नाटक ‘एक सपना’ का लेखन योगेन्द्र जोशी ने किया और निर्देशन अंकित श्रीवास्तव ने किया, जबकि मोहम्मद हफीज ने कार्यशाला निर्देशक की भूमिका निभाई। विनय कुमार ने भी इस आयोजन में सहायक के तौर पर सहयोग दिया।