Lucknow में ‘त्रासदी’ नाटक का मंचन, मां से बिछड़ने के दर्द ने दर्शकों को किया भावुक

Lucknow: शहर के अंतरराष्ट्रीय बौद्ध शोध संस्थान में बुधवार को एक बेहद भावुक कर देने वाला नाटक पेश किया गया। श्रद्धा मानव सेवा कल्याण समिति द्वारा मंचित इस नाटक का नाम ‘त्रासदी’ था। इस नाटक में रिश्तों की अहमि

Lucknow: शहर के अंतरराष्ट्रीय बौद्ध शोध संस्थान में बुधवार को एक बेहद भावुक कर देने वाला नाटक पेश किया गया। श्रद्धा मानव सेवा कल्याण समिति द्वारा मंचित इस नाटक का नाम ‘त्रासदी’ था। इस नाटक में रिश्तों की अहमियत और मां के बिछड़ने के गम को इतनी सादगी से दिखाया गया कि वहां मौजूद लोग अपनी आंखों के आंसू नहीं रोक पाए।

नाटक की कहानी यादों के बोझ और अपनों से दूर होने के दर्द के इर्द-गिर्द घूमती है। कलाकारों ने अपनी एक्टिंग से दर्शकों को गहराई से जोड़ा, जिससे पूरा सभागार गमगीन हो गया। यह आयोजन 24 जून 2026 को हुआ, जहां लोगों ने रिश्तों की अहमियत को करीब से महसूस किया।

बता दें कि अंतरराष्ट्रीय बौद्ध शोध संस्थान में इस तरह के नाटक अक्सर होते रहते हैं। इससे पहले 28 मई 2026 को भी श्रद्धा मानव सेवा कल्याण समिति ने ‘छोड़ो कल की बातें’ नाटक किया था। उस नाटक में संयुक्त परिवारों में बढ़ती दूरी और बुजुर्गों की अनदेखी की समस्या को रखा गया था।

संस्थान में अन्य सांस्कृतिक कार्यक्रम भी हुए हैं। 24 मार्च 2026 को ‘कृति एक बच्चे की डायरी’ और 15 मई 2026 को अनादि सांस्कृतिक संस्था ने ‘तिल का ताड़’ नाटक का मंचन किया था।